नीमच। मालवा और मेवाड़ के अफीम किसान अपनी मांगों को लेकर लगातार संघर्ष कर रहे हैं। आज फिर नीमच के कलेक्टर कार्यालय पर भारतीय अफीम किसान विकास समिति की नीमच इकाई द्वारा अपनी 9 सूत्रीय मांगों को लेकर राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन दिया गया। ज्ञापन देने से पहले किसानों ने लामबंद होकर कलेक्टर कार्यालय परिसर में धरना दिया। अफीम किसानों द्वारा दिये गए ज्ञापन में मांग की गई है कि 1995-96 से अफीम किसानों के कटे पट्टे बहाल किये जाए। सीपीएस पद्धति में डोडा चूरा का भाव 500 रूपए प्रति किलो दिया जाए। अफीम का मूल्य कई दशकों से नहीं बढ़ा है, जिसे अब सरकार 5000 रूपए प्रति किलो करें। धारा 8 बटा 29 को हटाया जाए। लॉन्चिंग पद्धति का डोडा चूरा भारत सरकार खरीदे। 1980 से 1994 तक का नारकोटिक्स रिकॉर्ड ऑनलाइन किया जाए। 5 लाख नए लाइसेंस जारी किया जाना चाहिए। विदेशी आयात बंद करके भारत को आत्मनिर्भर बनाया जाए। अफीम किसानों ने कहा कि अब समय आ गया है कि सरकार देश हित और किसान हित में निर्णय ले। अफीम किसानों ने यह भी मांग रखी की 10 आरी के बजाय 15 आरी के लाइसेंस दिये जाए। मॉर्फिन नीति 3 प्रतिशत की जाए। किसानों ने सीपीएस पद्धति बंद करने की मांग को फिर एक बार पुरज़ोर तरीके से उठाया। ज्ञापन में चेतावनी दी गई है कि यदि सरकार ने अब हमारी मांगों पर ध्यान नहीं दिया तो किसान बड़ा आंदोलन करेंगे। इस अवसर परअंबालाल जाट, रामनारायण जाट, बद्रीलाल मेनारिया, नारू गुर्जर,रूपलाल गुर्जर, गोठा, राधेश्याम मीणा,बाबूलाल मीणा, भेरू सिंह,बद्रीलाल शर्मा,शांतिलाल पलसा और बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।