नीमच। जिले में इन दिनों एक बोरवेल चर्चा विषय बन हुआ है, क्योंकि 20 साल से भी अधिक समय से यह बोरवेल बंद पड़ा था। कुछ दिन पूर्व यह अचानक पानी फेंकने लगा है। इस ट्यूबवेल से लगातार 24 घंटे पानी का फव्वारा निकल रहा है। हालांकि पानी को रोकने के लिए ट्यूबवेल में ढक्कन लगा हुआ है। लेकिन इसके बाद भी पानी तेज प्रवाह के साथ जमीन के बाहर निकल रहा है।
यह घटना जिले के मनासा तहसील के भाटखेड़ी गांव के खेल मैदान की हैं जहां करीब तीन दशक पूर्व एक ट्यूबवेल शासन के द्वारा लगाई गई थी, ताकि ग्रामीणों को पेयजल की समस्या से निजात मिल सके। मगर समय के साथ यह ट्यूबवेल धीरे-धीरे बंद हो गई और करीब 20 वर्ष से अधिक समय से यह ट्यूबवेल पूरी तरह से बंद पड़ी थी। मगर इन दिनों इस ट्यूबवेल ने अचानक पानी बाहर आने लगा।
यह ट्यूबवेल करीब 5 से 6 फीट ऊपर तक पानी फव्वारा छोड़ रही है। ग्रामीण इसे कुदरत का करिश्मा भी बता रहे हैं। वहीं आसपास के गांव के लोग को इसकी जानकारी मिली, तो वे भी इसे देखने के लिए पहुंच रहे है। हैरानी की बात यह है कि न तो बोलवेल में सबमर्सिबल पम्प डला हुआ हैं, और न कि अन्य किसी तरीके से पानी निकालने का प्रयास किया जा रहा है। महज बोरवेल में कुछ फिट का पाइप लगा हुआ है और ढक्कन लगाकर इस तरह की व्यवस्था की है कि भविष्य में कभी उसे ट्यूबवेल का उपयोग किया जाए तो मोटर डाली जा सके। मगर आज बिना पंप के ही बड़े प्रेशर से बोरवेल पानी फेंक रहा है।
इस घटना को आर्टिसियन कुआ कहते हैं
भूगर्भ शास्त्र में इसे आर्टिसियन कुआँ कहा जाता है। जो एक गहरा कुआं है. जिसे दबाव में पानी निकालने के लिए पारगम्य चट्टान में भूजल की एक भूमिगत झील, जलभृत में खोदा जाता है, पानी के भार का दबाव उसे कुएं की सतह पर ले आता है, कभी-कभी तो जमीन पर भी बह जाता है. जब पानी खाली होता है तो वह धीरे-धीरे कम होता जाता है। इस तरह की घटना जिले में बारिश के कारण बड़े भूमिगत जल स्तर के कारण देखने को मिल रही है।