मनासा। नगर में आज जैन समाज का भव्य जुलूस सदर बाजार से निकला। इंद्र के वेश में 64 पुण्यशालियों ने नाचते-गाते और झूमते हुए परमात्मा के रथ को ढोया। ढोल-ढमाके एवं बैंड-बाजों के साथ जय-जय आदिनाथ के जयघोष से गलियां गूंज उठी।एक रथ में भगवान आदिनाथ की विशाल प्रतिमा सुसज्जित थी तथा दूसरे रथ में तपस्वी प्रवीण एवं किरण मानावत विराजे थे।
अवसर था सुश्रावक प्रवीण मानावत एवं सुश्राविक किरण बेन मानावत के विशस्थानक तप की पूर्णाहुति का। साथ ही जैन उपाश्रय में चल रहे नवकार आराधना महोत्सव के समापन का।64 इंद्र जुलूस एवं रथयात्रा स्थानीय जैन मंदिर से प्रारम्भ होकर द्वारिकापुरी धर्मशाला पर समाप्त होकर धर्मसभा में परिवर्तित हुई। यहाँ परम् पूज्य सौम्ययशा श्रीजी, अर्पिता श्रीजी, रश्मिता श्रीजी, समर्पिता श्रीजी एवं पन्थसिद्दी श्रीजी मसा. की निश्रा में उपकरण वन्दनावली कार्यक्रम सम्पन्न हुआ उसके बाद तपस्वियों का बहुमान सबसे पहले जैन श्वेताम्बरश्रीसंघ मनासा द्वारा अभिनन्दन पत्र,माला,श्रीफल एवं कुमकुम तिलक लगाकर किया गया ।जैन सोश्यल ग्रुप,नवरत्न परिवार, मालवा महासंघ सहित कई धार्मिक संस्थाओं द्वारा भी बहुमान किया गया। कार्यक्रम में विधिकारक एवं जैन संगीतकार श्रेयांश दक ने अपने स्वर से खूब रंग जमाया।स्थानीय जैन श्वेताम्बर मूर्तिपूजक श्रीसंघ अध्यक्ष प्रकाश हिंगड़,सचिव अखिलेश बोथरा, अनिल यति,सोहनलाल पामेचा,सूरजमल हिंगड़,अनिल सेठिया,गोपाल सेठिया, सुरेश सेठिया,पारसमल राणावत,जयप्रकाश नलवाया,अशोक जैन,सुभाष श्रीमाल,गणेश जैन एवं जैन सोशल ग्रुप से अध्यक्ष मनोज गांधी, ललित गांधी,प्रितेश हिंगड़,प्रशांत गांधी नितेश जैन मनोज पामेचा,संजय जैन,दर्शन पामेचा,प्रमोद गांधी सहित कई गणमान्य नागरिकगण उपस्थित थे।कार्यक्रम का संचालन आनंद मानावत,गौतम सेठिया एवं श्रेयांश दक ने किया। आभार प्रदर्शन की रस्मअदायगी सूरजमल मानावत द्वारा की गयी।अंत में मानावत परिवार द्वारा आयोजित स्वामीवात्सल्य का सभी ने लाभ लिया।