नीमच। संयम की राह बहुत कठिन होती है। इस पर चलना वाले बहुत साहसी होते हैं। यह बात सुप्रभ सागर जी महाराज साहब ने पार्श्वनाथ दिगंबर जैन समाज नीमच द्वारा दिगम्बर जैन मांगलिक भवन सभागार में नव दीक्षार्थी के सम्मान में आयोजित धर्मसभा में कही। इस अवसर पर मुनि वैराग्य सागर जी मसा ने कहा कि साधु की तपस्या के संकल्प से आत्मा का कल्याण होता है।
उल्लेखनीय है कि रतनलाल सोनी और पन्नालाल धामनिया का 13 अक्टूबर को किशनगढ़ में दीक्षा कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इन दोनों दीक्षार्थियों का दिगंबर जैन समाज नीमच के पदाधिकारीयों द्वारा दिगंबर जैन मांगलिक भवन में वरिष्ठ पदाधिकारी और समाज जनों द्वारा गोद भराई कर सम्मान किया गया। इस अवसर पर भागचंद जैन, ब्रह्मचारिणी चंदना दीदी जम्बू कुमार जैन, दिगंबर जैन समाज के अध्यक्ष विजय कुमार जैन विनायका आदि पदाधिकारियों द्वारा विचार व्यक्त किए गए। धर्मसभा में संगीता पटौदी ने शास्त्र भेंट किये और भक्ति गीत प्रस्तुत किया। इस मौके पर दीक्षा कार्यक्रम की पत्रिका और पोस्टर का विमोचन किया गया।