निम्बाहेड़ा। चित्तौड़गढ़ सदर थाना क्षेत्र में स्थित ओछड़ी टोल एक बार फिर चर्चा में है। यहां फिर से टोलकर्मियों द्वारा जनप्रतिनिधियों पर हमला करने की बात सामने आई है। दोनों पक्षों की ओर से सदर थाने में रिपोर्ट दी गई है। लेकिन टोलकर्मियों के दिए परिवाद में रिपोर्ट देने वाले का नाम तक नहीं है।
टोलकर्मियों ने बीजेपी ओबीसी मोर्चा के प्रदेश मंत्री, जिला परिषद सदस्य और निंबाहेड़ा पंचायत समिति के पूर्व उप प्रधान पर लाठी और सरिए से वार करते हुए उन पर टोल ना देने का आरोप लगाया। जबकि जनप्रतिनिधियों ने कहा कि हमने अपना परिचय देते हुए टोल फ्री करने की बात कही लेकिन उसके बाद रुपए देने के लिए राजी हो गए थे। सदर थाने में फिलहाल एक पक्ष का रिपोर्ट दर्ज कर लिया गया है। सूचना मिलने पर सदर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। शाम तक पुलिस ने पांच टोलकर्मियों को गिरफ्तार कर लिया।
मंगलवार देर रात को भाजपा ओबीसी मोर्चा के प्रदेश मंत्री, जिला परिषद सदस्य गब्बर सिंह अहीर और निंबाहेड़ा पंचायत समिति के पूर्व उप प्रधान अशोक जाट दोनों चित्तौड़ से निंबाहेड़ा की ओर ब्लैक स्कॉर्पियो गाड़ी से जा रहे थे। उसी दौरान ओछड़ी टोल नाके पर टोल को लेकर दोनों की टोलकर्मियों से बहस हो गई। एएसआई सुरेंद्र सिंह ने बताया कि मालन खेड़ी, निंबाहेड़ा निवासी गब्बर सिंह पुत्र चैन राम अहीर ने एक रिपोर्ट दी है। जिसमें उन्होंने बताया कि देर रात वह अपने दोस्त निंबाहेड़ा पंचायत समिति के पूर्व प्रधान अशोक जाट के साथ चित्तौड़ से निंबाहेड़ा जा रहे थे। उन्होंने टोल कर्मियों से कहा कि वह एक जनप्रतिनिधि है और उनसे टोल ना लेवे। लेकिन वह नहीं माने। इसके बाद गब्बर सिंह ने टाल देने की भी बात कही लेकिन टोल कर्मियों ने आवेश में आकर लठ और सरिए से दोनों पर वार करने लगे और उनके साथ मारपीट की।
रिपोर्ट में गब्बर सिंह ने यह भी बताया कि टोल कर्मियों षडयंत्र पूर्वक उनपर हमला किया। उन्होंने एक दूसरे को कहा कि बीजेपी वाले तो गुंडे होते हैं इसीलिए इन्हें और ज्यादा मारना चाहिए। टोलकर्मियों ने गब्बर सिंह के पांच तौला वजनी सोने की चैन भी छीन ली। साथ ही चार हजार रुपए भी लिए। जबकि टोल कर्मियों का कहना है कि दोनों जनप्रतिनिधियों ने शराब पीकर लेन नंबर 1 से स्टॉपर को टक्कर मार कर टोल स्टाफ से हाथापाई कर रहे थे। कार को लेन के सामने लगा दी, जिससे उस लेन की गाड़ी नहीं निकल सकी और जाम लग गया।
हालांकि इस पूरे मामले के सीसीटीवी फुटेज भी सामने आए, जहां पर स्टॉपर को टक्कर मारने जैसी कोई भी चीज सामने नहीं आई। इसके अलावा टोलकर्मियों द्वारा लगातार उनके साथ मारपीट करने का मामला भी सामने आया। देर रात को जनप्रतिनिधियों ने अन्य जनप्रतिनिधियों को मदद के लिए बुलाया, जिस पर निंबाहेड़ा से नितिन और चित्तौड़ से सागर सोनी मौके पर पहुंचे और दोनों को अपने साथ लेकर गए। मामले की जानकारी मिलते ही सदर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और भारी जाब्ता तैनात किया गया। थानाधिकारी गजेंद्र सिंह के निर्देश पर सारे सीसीटीवी फुटेज चेक किए गए और उसके बाद गब्बर सिंह की रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। साथ ही उन्होंने पांच टोल कर्मियों को भी गिरफ्तार कर लिया।आश्चर्य की बात है कि टोल कर्मियों द्वारा सदर में रिपोर्ट तो दी गई है लेकिन उसमें ना प्रबंधक का नाम है और ना ही रिपोर्ट देने वाले किसी भी व्यक्ति का नाम है। फिलहाल उनके द्वारा दी गई रिपोर्ट को परिवाद में ही रखा गया है।