मंदसौर। राजस्थान की एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) ने मादक पदार्थ तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 25 हजार रुपये के इनामी अफीम तस्कर सुखलाल आंजना को चित्तौड़गढ़ से गिरफ्तार किया है। मंदसौर जिले के नाहरगढ़ थाना क्षेत्र के ग्राम मल्याबेर खेड़ा निवासी आरोपी करीब एक वर्ष से फरार चल रहा था और पुलिस व जांच एजेंसियों को लगातार चकमा दे रहा था। आरोपी का नेटवर्क मध्यप्रदेश, राजस्थान और गुजरात तक फैला हुआ बताया जा रहा है।
राजस्थान पुलिस ने मंगलवार देर रात चित्तौड़गढ़ में कार्रवाई कर आरोपी को गिरफ्तार किया, जबकि मामले का खुलासा बुधवार रात किया गया। राजस्थान ANTF के महानिरीक्षक विकास कुमार ने बताया कि पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार शर्मा एवं अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस दिनेश एमएन के निर्देशन में चलाए जा रहे 'ऑपरेशन मदार्कभ' के तहत यह कार्रवाई की गई है। गिरफ्तार आरोपी सुखलाल पुत्र पोखरलाल आंजना (32) निवासी मल्याबेर खेड़ा, थाना नाहरगढ़, जिला मंदसौर पर दौसा पुलिस अधीक्षक द्वारा 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था।
शराब के कारोबार में घाटे के बाद बना तस्कर-
पुलिस जांच में सामने आया है कि आठवीं तक शिक्षित सुखलाल ने पहले खेती और बाद में शराब के ठेके का कारोबार किया, लेकिन दोनों में नुकसान होने और कर्ज बढ़ने के बाद उसने अवैध मादक पदार्थों की तस्करी का रास्ता अपना लिया। उसके पिता के नाम पर वैध अफीम खेती का पट्टा होने के कारण उसे अफीम उत्पादन और तस्करी के नेटवर्क की गहरी जानकारी थी। इसी का फायदा उठाकर वह अपने खेत और आसपास के किसानों से अवैध रूप से अफीम एकत्रित कर उसे विभिन्न राज्यों के तस्करों तक पहुंचाता था।
व्हाट्सएप कॉल और बस पार्सल से चलाता था नेटवर्क-
पुलिस के अनुसार, सुखलाल बड़े तस्करी नेटवर्क से सीधे तौर पर नहीं जुड़ता था। वह केवल मादक पदार्थों की डिलीवरी और भुगतान तक ही सीमित रहता था, ताकि अन्य तस्करों की पहचान उजागर न हो सके। पुलिस से बचने के लिए वह हर बार अलग-अलग मार्गों और वाहनों का इस्तेमाल करता था तथा संपर्क के लिए व्हाट्सएप कॉल का उपयोग करता था। राजस्थान और गुजरात भेजे जाने वाले मादक पदार्थ बसों के जरिए पार्सल के रूप में भेजे जाते थे। डिलीवरी के बाद व्हाट्सएप कॉल के माध्यम से भुगतान और अन्य सूचनाओं का आदान-प्रदान किया जाता था।
तीन राज्यों में दर्ज हैं आपराधिक प्रकरण-
सुखलाल के खिलाफ राजस्थान, गुजरात और मध्यप्रदेश में एनडीपीएस एक्ट समेत कई गंभीर मामले दर्ज हैं। वर्ष 2025 में गुजरात एटीएस के गांधीनगर तथा राजस्थान के मेहंदीपुर बालाजी थाना क्षेत्र में उसके खिलाफ प्रकरण दर्ज हुए थे। वहीं वर्ष 2026 में मध्यप्रदेश के नाहरगढ़ थाने में भी मामला दर्ज किया गया। उसके खिलाफ हत्या के प्रयास और मारपीट जैसे गंभीर अपराधों के मामले भी दर्ज बताए गए हैं।
शादी समारोह से लौटते समय दबोचा-
ANTF को सूचना मिली थी कि आरोपी काले रंग की थार वाहन से भीलवाड़ा में एक शादी समारोह में शामिल होने गया है और वापस अपने गांव लौटते समय चित्तौड़गढ़ मार्ग से गुजरेगा। इसके बाद पुलिस ने चित्तौड़गढ़-भीलवाड़ा हाईवे पर सादे कपड़ों में निगरानी शुरू की।
आरोपी ने पीछा किए जाने का संदेह होने पर कई बार अपना रास्ता बदला और पुलिस को गुमराह करने का प्रयास किया। वह भीलवाड़ा रोड से उदयपुर रोड और फिर कोटा रोड की ओर मुड़ गया, लेकिन पहले से तैनात दूसरी टीम ने निंबाहेड़ा रोड स्थित ओछड़ी टोल नाके के पास उसकी थार को रोककर उसे गिरफ्तार कर लिया।
राजस्थान ANTF के अनुसार, 'ऑपरेशन मदार्कभ' के तहत मध्यप्रदेश के सक्रिय मादक पदार्थ तस्करों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। सुखलाल इस अभियान के तहत गिरफ्तार किया गया मध्यप्रदेश का 11वां तस्कर है। एजेंसी ने स्पष्ट किया है कि मादक पदार्थों की तस्करी के नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।