चित्तौड़गढ़। बड़ीसादड़ी थाना पुलिस ने बाघेलों का खेड़ा गांव में हुए चर्चित उंकारलाल हत्याकांड में फरार चल रहे दो आरोपियों को गिरफ्तार कर महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है। पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को रेलवे अंडरब्रिज के पास से दबोचा। मामले में अन्य पहलुओं को लेकर अनुसंधान जारी है।
जिला पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मुख्यालय गजेंद्र सिंह जोधा के निर्देशन तथा पुलिस उप अधीक्षक बड़ीसादड़ी हरिशचंद्र सिंह के पर्यवेक्षण में थानाधिकारी भगवानलाल के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई थी। टीम ने गुरुवार को मुखबिर की सूचना के आधार पर बाघेलों का खेड़ा रेलवे अंडरब्रिज के पास से हत्या के मामले में वांछित आरोपी भैरूलाल पिता बद्रीलाल रावत मीणा एवं कमलेश पिता बद्रीलाल रावत मीणा, निवासी बाघेलों का खेड़ा, थाना बड़ीसादड़ी को गिरफ्तार किया।
पुलिस के अनुसार, 16 जुलाई 2026 की मध्यरात्रि को मृतक उंकारलाल अपने कुएं पर बने कच्चे मकान के बाहर पलंग पर सो रहे थे। इसी दौरान आरोपियों ने लाठी एवं सरियों से उन पर जानलेवा हमला कर दिया। घटना की प्रत्यक्षदर्शी एवं परिवादी सुगना बाई ने पुलिस को दी रिपोर्ट में बताया कि हाका-हिक की आवाज सुनकर वह बाहर आईं तो आरोपियों को मौके से भागते देखा। गंभीर रूप से घायल उंकारलाल की मौके पर ही मौत हो गई थी। मामले में बड़ीसादड़ी थाने में हत्या का प्रकरण दर्ज कर पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी हुई थी। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ की जा रही है तथा प्रकरण में विस्तृत अनुसंधान जारी है।
पुलिस टीम में थानाधिकारी भगवानलाल, एएसआई झामेश्वर सिंह, प्रकाश चंद्र, आरक्षक रूपाराम, धर्मीचंद, सत्यप्रकाश, बाबूलाल एवं राकेश कुमार शामिल रहे।