भोपाल। भोपाल में चल रही देश की सबसे बड़ी एमडी ड्रग्स की फैक्टरी में हर दिन 100 करोड़ से अधिक की ड्रग्स बनाई जा रही थी। ड्रग्स निर्माण का काम छह महीने से अधिक समय से चल रहा था, लेकिन ड्रग्स का पैसा कहां गया। दस दिन की जांच के बाद भी जांच एजेंसियों को इसका जवाब नहीं मिल सका है. तीनों आरोपियों की निशानदेही पर जांच एजेसियों ने दस से अधिक लोगों से पूछताछ की है, लेकिन अब तक न बड़ी नगद राशि मिली, न किसी तरह की ज्वेलरी और न ही राशि ठिकाने लगाने के कोई दस्तावेज मिल सके हैं।
भोपाल के बगरौदा में एमडी ड्रग्स फैक्टरी के खुलासे के बाद जांच एजेसियों ने फैक्टरी से 1814 करोड़ का ड्रग्स जब्त किया था। जबकि फैक्टरी में हर दिन 20 से 25 केजी एमडी निर्माण होने की बात सामने आई थी। अंतरराष्ट्रीय बाजार में एक किलो एमडी की कीमत करीब पांच करोड़ रुपए है। ऐसे में फैक्टरी में हर दिन 100 करोड़ के एमडी ड्रग्स का निर्माण हो रहा था। जांच एजेंसियों ने गिरफ्तार तीनों आरोपी अंकित चतुर्वेदी, सान्याल बाने और हरीश आंजना को रिमांड पर लेकर पूछताछ की और फिलहाल तीनों आरोपी 26 अक्टूबर तक न्यायिक हिरासत में हैं. लेकिन अब तक एमडी ड्रग्स के जरिए जुटाई गई राशि का खुलासा नहीं हो पाया है।
आरोपियों के पास से कोई नगद राशि, किसी तरह की ज्वेलरी या बड़ी राशि के लेन-देन के दस्तावेज भी नहीं मिले हैं। आरोपियों की निशानदेही पर करीब दस से अधिक लोगों से पूछताछ भी की जा चुकी है, लेकिन ड्रग्स की राशि को लेकर जांच एजेंसियों के हाथ फिलहाल खाली ही हैं. हरीश आंजना का साथी प्रेमसुख पाटीदार से अभी पूछताछ होना बाकी है, क्योंकि प्रेमसुख अभी अस्पताल में भर्ती है। आपको बता दें नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो यानी एनसीबी और गुजरात एटीएस ने छह अक्टूबर को भोपाल के बगरौदा में छापामार कार्रवाई कर एमडी ड्रग्स बनाने की फैक्टरी का भंडाफोड़ किया था।