नीमच । पुलिस ने बैंकों में फर्जी खाते खुलवा कर साइबर ठगी, ऑनलाइन गेमिंग और सट्टे की अवैध रकम का लेनदेन करने वाले गिरोह का खुलासा किया है। गिरोह के 8 बदमाशों को गिरफ्तार किया गया है। शुरुआती जांच में सामने आया कि गैंग से 11 लाख 18 हजार 610 रुपए, नोट गिनने की एक मशीन, 2 एटीएम स्वैप मशीन, 3 सीपीयू, एक लैपटॉप, 28 मोबाइल फोन, 44 एटीएम कार्ड, 11 पासबुक, 10 चेकबुक, एक पासपोर्ट सहित हिसाब लिखे हुए रजिस्टर जब्त के साथ ही 119 खातों को फ्रिज किया गया है।
लेकिन बड़ा सवाल ये है कि इस पूरे रैकेट का सरगना कौन है क्योंकि हमने 23 अक्टूबर को सबसे पहले खबर प्रकाशित की थी और बताया था कि हरियाणा पुलिस नीमच पहुंची और बैंक अंकाउट में लेने-देन को लेकर पूछताछ की गई है, जिसमें कई नाम सामने आये थें वही उसके बाद नीमच पुलिस ने जिस तरीके से कार्रवाही की उससे हमारी खबर पर एक बार फिर मुहर लग गई।
वही सूत्रों की माने तो नीमच में बैंकों में फर्जी खाते खुलवा कर ऑनलाइन गेमिंग और सट्टे की अवैध रकम का लेनदेन करने वाला एक बड़ा गिरोह काम कर रहा है जिसमें सबसे बड़ा नाम केशव बाहेती, लोकेश जैन, संदीप नानकानी, आशीष कनौजिया नयागांव, प्रेम ढकानी, रोहित प्रदेशी, सुमित राठौर जैसे बड़े नाम है जो खुले आम जांच एजेंसियों की आंखो में धुल जोकर कर बैंको में फर्जी खाते खुलवाने का काम कर रहे है साथ ही इनकी चेन इतनी बढ़ी है कि दुबई सहित अन्य राज्यों में इनके लोगे सीधें सम्पर्क में है पुलिस अगर इन तक पहुंचती है तो एक बड़ा सिडीकेट सामने आ सकता है जो चौका देने वाला होगा।
ऑनलाइन गेमिंग और सट्टे-
नीमच पहले ही अवैध तस्करी व क्रिकेट के अवैध सट्टे के नाम से बदनाम है कभी भी कोई बड़ी कार्रवाही होती है तो नीमच का नाम सीधे सामने आता है चाहे वो उज्जैन पीयूष चौपड़ा के अवैध क्रिकेट की कार्रवाही का हो या फिर उदयपुर या जयपुर में हुई कोई बड़ी कार्रवाही का, ऐसे में अब एक नया मामला ये सामने आ रहा है कि नीमच में बैंक में फर्जी अकाउंट खुलानें वाला गिरोह सक्रिय होकर काम कर रहा है जिसमें सबसे बड़ा नुकसान गरीब लोगों को हो रहा है उनके बच्चे छोटे से लालच में आकर इस अपराध में फंसते जा रहे है ।
इनकी कॉल डिटेल उगलेंगी राज-
अगर पुलिस व सायबर सेल इनके मोबाइल सर्चिंग के लिये रखे तो कई सनसनी खेज मामले सामने आ सकते है किस तरीके से ये फर्जी एप के जरीए मोबाइल में विदेश के नंबर से वाट्एसएप चला रहे है फिर उसी नंबर से ये अपने गुर्गे से सम्पर्क में रहते है जिसका कारण है कि जांच एजेंसिया कभी कार्रवाही करते तो ये बच कर निकल जायें ऐसे में इनके मोबाइल ही पुलिस के लिय सबसे बड़ी हथियार बन सकते है इनकी गिरफ्तारी के लियें ।
पुलिस कप्तान तारीफ के हकदार-
पुलिस अधीक्षक अंकित जायसवाल ने जब से चार्ज संभाला उसके बाद से लगातार मार्दक पदार्थ की तस्करी करने वाले तस्कर हो या फिर क्रिकेट व डब्बा के सटोरियें सभी पर अंकुश लगाने का काम किया है ऐसे में उनके आने के बाद अपराधों में भी कमी आई है लेकिन पुलिस की आंख में धुल जोक कर कुछ बदमाश अभी भी पुलिस को खुली चुनौती दे रहे है
ये हुवे अभी तक गिरफ्तार-
बघाना के शक्ति नगर में रहने वाले पीयूष कुमार ने थाने में शिकायत की थी कि दो-तीन माह पहले नीमच में रहने वाले परिचित निखिल राव और जयपुर निवासी शुभम ने यह बोलकर बैंक में खाता खुलवाया था कि निखिल की सीबिल खराब है, उसे व्यवसाय के लिए लोन नहीं मिल रहा। इसलिए तुम अपने नाम पर बैंक में खाता खुलवाकर उसकी पासबुक, एटीएम तथा उस खाते से लिंक की गई मोबाइल नंबर की सिम मुझे दे दो। इस पर पीयूष ने नीमच की यूको बैंक शाखा में खाता खुलवाकर एटीएम, पासबुक आदि निखिल को दे दिए। जब पीयूष का खाता किसी एजेंसी ने होल्ड किया और उसने बैंक में संपर्क किया तो पता चला कि उसके खाते से लाखों रुपए का फ्रॉड ट्रांजैक्शन हो रहा है। इस पर उसे निखिल और शुभम के अवैध लेनदेन की आशंका हुई। इसके बाद उसने बघाना थाने में शिकायत दर्ज कराई।गिरोह का मास्टरमाइंड प्रकाश शर्मा है जो कि जोधपुर का रहने वाला है। फिलहाल दुबई में रहकर गिरोह चला रहा है। गिरोह ऐसे युवाओं को टारगेट करता था, जो जल्द पैसा कमाना चाहते थे। ये लोग दुगना-तिगुना कमीशन का लालच देकर लोगों से खाते खुलवाते थे। जिन लोगों से खाते खुलवाए जाते थे, उन्हें पैसों का लालच दिया जाता था।