भोपाल। मोहन सरकार नए साल (2025) में 7.50 लाख कर्मचारियों को 3% डीए (महंगाई भत्ता) और 4.50 लाख पेंशनर को 3% डीआर (महंगाई राहत) दे सकती है। वित्त विभाग ने डीए व डीआर से सरकारी खजाने पर पड़ने वाले असर का आकलन शुरू कर दिया है। हालांकि इस पर अंतिम मोहर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव लगाएंगे। बता दें कि वर्तमान में मध्य प्रदेश के कर्मचारियों और पेंशनरों को 50% डीए और डीआर मिल रहा है, जो केंद्रीय कर्मचारियों की तुलना में 3% कम है।
केंद्र सरकार साल में दो बार कर्मचारियों का डीए व डीआर बढ़ाती है। जनवरी 2025 में भी केंद्रीय कर्मचारियों के डीए व डीआर में वृद्धि होनी है। जिसे देखते हुए राज्य सरकार अपने कर्मचारियों को शेष 3% राशि देने पर विचार कर रही है। राज्य के कर्मचारी भी लंबे समय से इसकी मांग कर रहे हैं। मंत्रालय के सूत्र बताते हैं कि वित्त विभाग प्रस्ताव तैयार कर रहा है, जो मुख्यमंत्री सचिवालय को भेजा जाएगा, फिर मुख्यमंत्री घोषणा करेंगे। उल्लेखनीय है कि केंद्र सरकार ने जनवरी 2024 से कर्मचारियों का डीए 50% और जुलाई 2024 से 53% किया है। मप्र सरकार ने दिवाली के ठीक पहले डीए 46% से बढ़ाकर 50% किया है, जो जनवरी 2024 से ही दिया जा रहा है। कर्मचारियों को 10 माह बाद डीए दिया गया है। सरकार ने यह भी तय किया है कि उन्हें 10 माह का एरियर दिया जाएगा, जो 4 समान किस्तों में होगा। एरियर की पहली किस्त नवंबर के वेतन के साथ दिसंबर में कर्मचारियों के बैंक खातों में पहुंचेगी। वहीं दूसरी जनवरी, तीसरी फरवरी और चौथी मार्च 2025 में दी जाएगी।