ग्वालियर। क्या आपने कभी सुना है,”गयी भैंस गोबर में”, जी हां ऐसा ही अजब मामला शहर में आया है, जहां भैंस को बीच सड़क गोबर करना भारी पड़ गया। नगर निगम ने जुर्माना भी लगा दिया, लेकिन भैंस मालिक द्वारा जुर्माना न भरने के चलते भैंस को ही निगम ने जब्त कर लिया। भैंस को जब निगमकर्मी जब्ती बना कर ले जाने तो भैंस अपने मालिक को निहारती रही।
दरअसल स्वच्छ सर्वेक्षण 2024 को लेकर शहर में स्वच्छता अभियान चलाया जा रहा है। इसके साथ ही गंदगी करने वाले, अमानक पॉलीथिन का उपयोग करने, पान गुटखे की पीक, सड़क पर रेड स्पॉट बनाने वालों पर भी निगम जुर्माने की कार्रवाई की जा रही है। इसी कड़ी में ग्वालियर विधानसभा क्षेत्र के वार्ड 14 गायत्री नगर में सार्वजनिक रास्ते (बीच सड़क) पर भैंस बांधने और गोबर की गंदगी फैलाने पर निगम का अमला वहां पहुंचा। मौके पर सार्वजनिक रास्ते के पुल पर चार भैंसे बंधी हुई मिली,इतना ही नही भैंसों ने ढेर सारा गोबर भी फैलाया हुआ था। भैंस मालिक नंदकिशोर भी भारी लापरवाह निकला। वह पास में ही गोबर का ढेर लगाता रहा।
भैंस को ही जब्त कर निगम जोन कार्यालय में बंधवाया
निगमकर्मियों ने भैंस को सार्वजनिक रास्ते से हटाने और 20 हजार जुर्माना राशि भरने के लिए कहा, लेकिन भैंस मालिक ने न ही भैंसों को रास्ते से हटाया और न ही जुर्माना भरा। निगम ने कार्रवाई करते हुए पंचनामा बनाया और भैंस को ही जब्त कर निगम के जोन कार्यालय क्रमांक 04 में बंधवाया। जब भैंस को जब्त कर ले जाया रहा तब भैंस अपने मालिक को निहारती रही। आखिर कार कुछ समय बाद भैंस मालिक को भी अपनी भैंस की याद आई तो वह निगम के जोन कार्यालय पहुंचा। 9 हजार जुर्माना राशि जमा करने पर मामला सेटेलमेंट हुआ,तब कहीं जाकर भैंस अपने मालिक के पास पहुंची, जिसे वह अपने साथ लेकर घर रवाना हुआ।