चित्तौड़गढ़। नन्हीं उम्र खेलने, पढ़ने और आगे बढ़ने का समय है , बचपन में बच्चों को बाल विवाह के दलदल में डालना किसी पाप से कम नहीं , बाल विवाह समाज पर कलंक है हमे सभी को मिलकर इसे मिटाना होगा । उक्त विचार राशमी तहसील के तहसीलदार बेनी प्रसाद सरगरा ने भारत सरकार के महिला एवम् बाल विकास मंत्रालय के आह्वान पर ज़िले के राशमी तहसील के आरणी ग्राम पंचायत में गायत्री सेवा संस्थान, उदयपुर एवम् जस्ट राइट फॉर चिल्ड्रन एलाइंस के सयुक्त तत्वावधान में आयोजित “बाल विवाह मुक्त भारत” अभियान के आगाज कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए व्यक्त किए ।
उन्होंने बच्चों के बीच उपस्थित होकर गायत्री सेवा संस्थान द्वारा बाल संरक्षण के लिए किए प्रयासों की सराहना की। इस अवसर पर कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए जिला समन्वयक अमित राव ने बताया कि भारत सरकार द्वारा संचालित इस अभियान से निश्चित ही बाल विवाह की रोकथाम एवम् जन-जागरूकता में काफ़ी सहायता मिलेगी स आज पूरे राष्ट्र में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन कर बाल विवाह मुक्त समाज हेतु स्थानीय जन प्रतिनिधियों और ग्रामीणों को शपथ दिलवाने की भारत सरकार की अपील में सहयोगी बनकर चित्तौड़गढ़ ज़िले की पहल सराहनीय है स जल्द ही ज़िला प्रशासन के साथ मिलकर ग्राम पंचायतों को बाल विवाह मुक्त पंचायत बनाने हेतु प्रयास किया जाएगा।
इस दौरान गायत्री सेवा संस्थान के कार्यकर्ता अब्दुल वहीद ने बताया कि ज़िले में ज़िला प्रशासन के साथ मिलकर प्रातः 10 बजे से शाम तक विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया स जिसमे प्रातः ज़िले के चयनित राजकीय विद्धालयों में दिल्ली में चल रहे कार्यक्रम को प्रोजेक्टर के माध्यम से बताया गया और बाल विवाह मुक्त भारत की शपथ दिलवाई गई एवम् शाम को समापन आरणी ग्राम पंचायत में सांस्कृतिक कार्यक्रम एवम् मशाल यात्रा निकालकर किया गया ।
इस अवसर पर राष्ट्रीय कवि संपत श्साथीश् ने बाल विवाह मुक्त भारत विषय पर काव्य पाठ किया एवं पंचायत के समस्त विद्यालयों के विद्यार्थियों द्वारा बनाए गए पोस्टर का प्रदर्शन किया गया। तहसीलदार बेनी प्रसाद सरगरा, स्थानीय सरपंच मनीष खटीक, पंचायत प्रारंभिक शिक्षा अधिकारी जानकी लाल लक्ष्यकार, शिक्षक जितेंद्र जीनगर, शोभित राव ने भी विचार प्रकट किए ।
कार्यक्रम के अंत में तहसीलदार एवं सरपंच सहित स्थानीय ग्रामीणों, बच्चों और गायत्री सेवा संस्थान के कार्यकर्ताओं ने बड़ी संख्या में उपस्थित रहते हुए गाँव में बाल विवाह मुक्त समाज का संदेश देते हुए मशाल यात्रा निकाली और बाल विवाह नहीं करवाने की शपथ ली।
कार्यक्रम में ज़िला प्रशासन के अधिकारी, स्थानीय आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं आशा सहयोगिनी, जनप्रतिनिधि, वार्ड पंच रोशन जाट ,गणपत पाराशर, ओम टेलर , तुलसीराम जाट, हीरालाल माली एवम् ग्रामीण बड़ी संख्या में सम्मिलित हुए। कार्यक्रम का संचालन स्थानीय शिक्षक चांदमल टेलर ने किया।