भवानीमंडी। एमपी और राजस्थान की सीमा से सटे भवानीमंडी में दो युवतियों ने समलैंगिक विवाह कर लिया। दोनों ने लिव इन रिलेशनशिप का प्रमाण पत्र भी बनवाया और शादी की रस्मों को पूरा करते हुए एक-दूसरे के साथ रहने की कसमें खाई।

मामला भवानीमंडी की रहने वाली सोनिया और सुनीता (परिवर्तित नाम) का है। दोनों ने पहले कोर्ट में लिवइन रिलेशनशिप का सर्टिफिकेट बनवाया और साथ में रहने की सहमति दी। इसके बाद दोनों युवतियों ने हिन्दू रीति रिवाज के साथ शादी कर सात फेरे लिए। हालांकि, यह शादी ज्यादा देर तक नहीं चल सकी, एक युवती के मामा उसे जबरन अपने साथ ले गए।

पहले हुई दोस्ती, फिर बदली रिश्ते में-
समलैंगिग विवाह में पति की भूमिका निभाने वाली सोनिया ने बताया कि वह मजदूरी का कार्य करती है और सुनीता खाना बनाने का। उनकी पहली मुलाकात उस समय हुई जब वह एक मकान के निर्माण कार्य में मजदूरी का कार्य कर रही थी और सुनीता वहां खाना बनाने आती थी। तब से ही दोनों एक दूसरे को जानने लगी। इसके बाद दोनों एक दूसरे की ओर आकर्षित होती गई, नजदीकियां बढ़ी तो दोनों ने अपने प्यार का इजहार किया। इसके बाद हिम्मत करके कोर्ट पहुंचकर शादी करने की इच्छा जताई। यहां उन्हें पता चला कि देश में समलैंगिक विवाह को मान्यता नहीं है। इसके बाद दोनों ने लिव इन में रहना तय किया। हालांकि सोनिया (परिवर्तित नाम) के परिवार वाले शादी से सहमत है। जबकि, पत्नी की भूमिका निभाने वाली सुनीता (परिवर्तित नाम) के घरवाले इसके खिलाफ है।
दोनों युवतियां है बालिग-
समलैंगिग विवाह करने वाली दोनों युवतियां बालिग है। 22 वर्षीय सुनीत के पिता नहीं है, घर में मां और दो भाई है। मां और वो खुद खाना बनाने और रसोइये का कार्य करती है। वहीं 19 वर्षीय सोनिया मजदूरी का कार्य करती है और उसके पिता दिहाड़ी मजदूर है। दोनों युवतियों ने कोर्ट से सीधे सोनिया के घर पहुंचकर हिन्दू विवाह की रस्में भी निभाई। लेकिन यह शादी ज्यादा देर नहीं टिक पाई। सुनीता के परिजनों को पता चला तो वे उसे अपने साथ ले गए। अब सुनीता के घर के दरवाजे पर ताला लगा है। परिवार अपनी बेटी को लेकर बाहर चला गया है। इसके बारे में पड़ोसियों को भी पता नहीं है।
