नीमच। मध्यप्रदेश के नीमच मंदसौर जिलों में देह व्यापार करने वाले एक समाज विशेष में अब भी कुप्रथाओं का बोलबाला है। जो युवतियां इस दलदल से बाहर निकलना चाहती हैं उनकी राह में समाज ही नहीं बल्कि उनका परिवार इतने कांटे बिछा देता है कि उन्हें सामाजिक दायरे के बाहर कदम रखने से पहले सौ बार सोचना पड़ता है।
ऐसा ही एक मामला नीमच में सामने आया है। जहां बांछड़ा समुदाय में देह व्यापार की कुपरंपरा आज भी जीवित है। इस कुप्रथा को छोड़कर एक युवती ने अपनी ही जाति के मनपसंद युवक से शादी कर ली और देह के दलदल की दहलीज छोड़ वह पति के घर चली गई। इधर बेटी की कमाई पर ऐशो आराम करने वाले उसके माता पिता और पंचों के सीने पर तो जैसे सांप लौट गए।
अपनी रोज की कमाई हाथों से फिसलती देख उन्होंने कुप्रथा का सहारा लिया, इस कुप्रथा के अनुसार युवती के परिवार ने उसके नाम का मुर्गा काटा, जब वह तड़पा तो जल छोड़ते हुए पूरा परिवार बोलता रहा कि एक महीने में बेटी को नहीं लौटाया तो बेटी का पति या परिवार ऐसे तड़पेगा जैसे मुर्गा तड़प रहा है।
जात पंचायत की मदद से बेटी और उसके ससुराल वालों का हुक्का पानी बंद करने का फरमान भी जारी कर दिया। इतना ही नहीं यह भी शर्त रखी कि बेटी को न लौटाने की दशा में 30 लाख रुपये देने होंगे। अब युवती ने इस पूरे मामले को लेकर एसपी से गुहार लगाई है। नीमच एसपी अंकित जायसवाल ने कहा कि यह मामला मनासा थाना क्षेत्र का है। वेश्यावृत्ति के लिए दबाव बनाया जा रहा था। इस शिकायत को संज्ञान में लेते हुए मनासा एसडीओपी, टीआई को मामले की जांच के निर्देश दिए गए है। केस को गंभीरता से लिया जा रहा है। जांच के बाद दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।