जबलपुर। चार दिन पहले जबलपुर के गैरिसन मैदान में एक सांड ने नशे में धुत युवक को पटक दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। इस घटना के बाद सेना ने मैदान को सुरक्षित बनाने के लिए उसकी तार से घेराबंदी शुरू कर दी।
शनिवार को जब सेना के जवान तार लगाने पहुंचे, तो आसपास के लोग इसका विरोध करने लगे। उनका कहना है कि यह मैदान बच्चों के खेलने और लोगों के घूमने की जगह है, जिसे घेरना गलत है। बढ़ती भीड़ को देखते हुए कैंट थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को संभाला।
गैरिसन मैदान की घेराबंदी को लेकर स्थानीय निवासियों और खिलाड़ियों में नाराज़गी बढ़ रही है। अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी नीलम चंसोरिया ने कहा कि यह मैदान वर्षों से खिलाड़ियों के अभ्यास और लोगों के मॉर्निंग-इवनिंग वॉक का केंद्र रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि सेना के जवान बंदूक लेकर मैदान की घेराबंदी करने पहुंचे और जब लोगों ने विरोध किया, तो उन्हें धमकाने की कोशिश की। नीलम ने कहा कि सेना को यह कार्रवाई करने से पहले स्थानीय जनप्रतिनिधियों, विधायकों और मंत्रियों को सूचित करना चाहिए था।
स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर सेना को मैदान पर दावा करना था, तो उसके पास कोर्ट का आदेश होना चाहिए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि न तो पुलिस को सूचना दी गई और न ही जनता को विश्वास में लिया गया। अचानक हुई इस कार्रवाई से लोग असहज और नाराज़ हैं।