रतलाम। वनमण्डल वन परिक्षेत्र शिवगढ़ के अंतर्गत 9 तथा 10 जनवरी को मध्यप्रदेश ईको पर्यटन विकास बोर्ड मध्यप्रदेश वन विभाग के द्वारा "अनुभूति : प्रशिक्षण सह जागरूकता कार्यक्रम" आयोजित किया गया। इस दौरान शासकीय विद्यालयों के लगभग 250 विद्यार्थी के दल को वनभ्रमण करवाकर प्रकृति की प्रत्यक्ष अनुभूति कराई गई।शिविर के प्रारंभ में अनुभूति वर्ष 2024-25 की मुख्य थीम "मैं भी बाघ- हम हैं बदलाव" के विषय में जानकारी देते हुए अनुभूति शिविर के "लोगो" के बारे में समझाया गया। सुबह के नाश्ते के पश्चात विद्यार्थियों के दल को चार दलों में बांटकर नेचर ट्रेल शुरू की गई जिसके अंतर्गत शिविरार्थियों को पक्षी दर्शन, तितलियों के जीवनचक्र पर चर्चा, वृक्षों का पर्यावरण में महत्व, वन्यप्राणियों की खाद्य श्रृंखला में भूमिका, गिद्धों का महत्व जैसे विषयों पर विस्तार से समझाया गया।वन परिक्षेत्र अधिकारी शिवगढ़ आजाद कुमार नागोरिया द्वारा जैव विविधता एवं पर्यावरण के विषय पर व्याख्यान दिया जाकर अपने परिवेश में अधिकाधिक पेड़ लगाने हेतु प्रेरित किया गया। प्रकृति भ्रमण के दौरान प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता आयोजित की गई, जिसमें सभी प्रतिभागियों द्वारा उत्कृष्ट प्रदर्शन किया गया।विशेष अतिथि जनपद पंचायत सदस्य लीलाबाई पडियार द्वारा चित्रकला प्रतियोगिता के प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया गया। विद्यार्थियों के समक्ष कपड़े का अनसीला थैला बनाने का प्रदर्शन किया गया। पेपर बाघ वितरित कर "मैं भी बाघ" के थीम सॉन्ग का एक बार पुनः संचालन कर शिविर के रोमांच को और बढ़ाया गया। सांस्कृतिक कार्यक्रमों के पश्चात प्रतिभागियों को प्रतिभागिता प्रमाण पत्र दिए गए, प्रकृति, वन और पर्यावरण संरक्षण की शपथ दिलाई गई। प्रो प्लेनेट पीपल (P3) के समान Life mission की प्रकृति अनुकूल जीवनशैली को अपने जीवन में अपनाने हेतु प्रेरित किया गया। विद्यार्थियों से शिविर के अंत में मोबाइल द्वारा फीडबैक एवं अनुभूति बुकलेट के पेपर फीडबैक भरवाए गए। सूर्य की अस्तांचलगामी किरणों के साथ सफल अनुभूति कार्यक्रम के दो दिवसीय शिविर का समापन किया गया।
कार्यक्रम के दौरान वन परिक्षेत्राधिकारी शिवगढ़ आजाद कुमार नागोरिया, वन परिक्षेत्र सहायक रावटी मोहनलाल निनामा पुष्पेंद्र सिंह राठौड़ परिक्षेत्र सहायक शिवगढ़, वनपाल अनिल चौधरी बीट प्रभारी रावटी-डाबड़ी, बहादुर सिंह गामड़, उमेश मोयल, देवेंद्र देवड़ा, राकेश मईडा तथा वन विभाग के कर्मचारी अन्य सहयोगी स्टाफ उपस्थित रहे।