जबलपुर। मकर संक्रांति पर जबलपुर में श्रद्धालुओं ने बड़ी संख्या में नर्मदा स्नान किया। कड़ाके की ठंड और कोहरे के बावजूद सुबह ब्रह्म मुहूर्त से ही गौरी घाट, जिलहरी घाट, तिलवारा घाट और भेड़ाघाट पर भक्तों का जमावड़ा लगा रहा।
श्रद्धालुओं ने मां नर्मदा के पावन जल में स्नान कर सूर्य देव को अर्घ्य दिया और तिल-गुड़ का भोग लगाया। नर्मदा तीर्थ पुरोहित पंडित अभिषेक उपाध्याय के अनुसार, इस दिन सूर्य देव का मकर राशि में प्रवेश होता है, जिससे इस पर्व का विशेष धार्मिक महत्व है। पवित्र नदियों में स्नान और दान से पुण्य की प्राप्ति होती है।
जबलपुर के अलावा भोपाल, कटनी और सिवनी जैसे जिलों से भी लोग नर्मदा स्नान के लिए पहुंचे। भोपाल से आए मनोज गुप्ता, कटनी से हर्ष वर्मा और जबलपुर की दिव्या दीक्षित ने स्नान के साथ जरूरतमंदों को दान भी दिया।
श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने विशेष इंतजाम किए। एसडीआरएफ और होमगार्ड के जवानों ने मोटर बोट से लगातार गश्त की और लोगों को गहरे पानी से दूर रहने की चेतावनी दी। सुरक्षा कारणों से नौका संचालन भी बंद रखा गया।
जिलहरी घाट, गौरीघाट, तिलवारा घाट, लम्हेटा घाट और भेड़ाघाट में अब तक 60000 से ज्यादा श्रद्धालुओं ने नर्मदा स्नान कर चुके हैं।
मकर संक्रांति पर गौरी घाट पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए ट्रैफिक विभाग ने यातायात व्यवस्था सुचारू बनाए रखने के लिए विशेष इंतजाम किए। अवधपुरी झंडा चौक और रामलला मंदिर के पास बैरिकेड्स लगाए गए। दोपहिया और चार पहिया वाहनों को आयुर्वेदिक कॉलेज के समीप बनाए गए पार्किंग स्थल पर भेजा गया।
एडिशनल एसपी ट्रैफिक सोनाली दुबे ने बताया कि, श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसका विशेष ध्यान रखा गया। रामपुर की ओर से आने वाले वाहनों को आयुर्वेदिक कॉलेज के पार्किंग स्थल पर रोका गया, जबकि वापसी में उन्हें भटौली मार्ग से भेजा गया। यह कदम ट्रैफिक जाम की स्थिति से बचने के लिए उठाया गया।