रतलाम। जिले के नामली तहसील टप्पा कार्यालय में रिश्वत लेते पकड़ाए क्लर्क के मामले में नायब तहसीलदार मनोज चौहान को नामली से हटा दिया है। इन्हें रतलाम भू अभिलेख कार्यालय में अटैच किया है। इनके स्थान पर रतलाम भू अभिलेख कार्यालय से महिला नायब तहसीलदार अश्विन गोहिया को नियुक्त किया है। कार्रवाई कलेक्टर ने की है।
बता दें कि 2 जनवरी को उज्जैन लोकायुक्त ने नामली तहसील ऑफिस के क्लर्क प्रकाश पलासिया को 15 हजार रुपए की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया था। क्लर्क ने एक किसान से जमीन नामांतरण के लिए लगाई गई आपत्ति के पक्ष में फैसला देने के लिए रिश्वत मांगी। किसान से रिश्वत के रुपए लेकर क्लर्क ने अपनी टेबल में रख दिए। इशारा मिलते ही पहले से मौजूद लोकायुक्त टीम ने क्लर्क को ट्रैप किया था।
लोकायुक्त ने पंचेड़ निवासी गणपत पिता दयाराम हाडा की शिकायत पर यह कार्रवाई की थी। फरियादी ने बताया था कि पंचेड़ गांव में स्थित कृषि भूमि उसके पिता की मृत्यु के बाद स्वयं व उसके भाई, बहन व मां के नाम पर नामांतरण पर राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज किया था। कुछ समय बाद परिवार वालों ने उक्त भूमि उसे धोखे में रख जितेंद्र जाट को बेच दी। जिसके नामांतरण पर उसने नामली तहसील ऑफिस में आपत्ति लगाई थी। नामली में नायब तहसीलदार मनोज चौहान पदस्थ हैं। लोकायुक्त की प्राथमिक जांच में नायब तहसीलदार का इस मामले में नाम आया था।
ऑर्डर पहले ही कर चुके थे
कार्रवाई के बाद लोकायुक्त ने नायब तहसीलदार मनोज चौहान को नोटिस देकर उज्जैन लोकायुक्त कार्यालय तलब किया था। नायब तहसीलदार चौहान ने उज्जैन लोकायुक्त कार्यालय पहुंच अपने बयान दिए थे। जिसमें बताया जिस दिन लोकायुक्त ने कार्रवाई की उस दिन रतलाम से बाहर था। कोर्ट का हवाला देते हुए 24 दिसंबर 24 को किसान के पक्ष में फैसला दिया था। बाबू आदेश को दबा कर बैठा था, उन्हें इस बारे में जानकारी नहीं थी।
नायब तहसीलदार के बयान हो चुके हैं। किसान के पक्ष में उन्होंने पहले ऑर्डर कर चुके थे। उन्होंने क्लर्क द्वारा ऑर्डर दबा कर रखने की बात बताई है। बता दें, किसान गणपत के पक्ष में फैसला देने के लिए तहसील नामली न्यायालय के क्लर्क प्रकाश पलासिया ने 40 हजार रुपए रिश्वत मांगी थी। किसान ने 5 हजार रुपए पहले दे दिए थे। शेष 35 हजार तीन-चार दिन में देने को कहा था।
एक माह में दूसरी कार्रवाई
लोकायुक्त द्वारा रतलाम जिले में एक माह में रिश्वत लेने के मामले में यह दूसरी कार्रवाई की थी। 5 दिसंबर 2024 को गांव पंचेड़ में ग्राम पंचायत कार्यालय में रिश्वत लेते पटवारी रमेशचंद्र बैरागी को 40 हजार रुपए की रिश्वत लेते पकड़ा था, पंचेड़ निवासी गोपाल पिता बालमुकुंद उपाध्याय की शिकायत पर लोकायुक्त ने कार्रवाई की थी। उसके बाद 2 जनवरी को नामली तहसील के क्लर्क को रिश्वत लेते पकड़ा। दोनों मामले नामली तहसील से ही जुड़े थे। इसी को देखते हुए कलेक्टर राजेश बाथम ने नायब तहसीलदार मनोज चौहान को नामली से हटा कर रतलाम अटैच कर दिया है। हालांकि बदलाव को ऑर्डर कलेक्टर द्वारा जारी किया है उसमें प्रशासकीय दृष्टि से फेरबदल करने की बात लिखी है।