देवास। परियोजना देवास ग्रामीण अंतर्गत ‘’बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’’ अभियान के तहत आंगनवाड़ी सहायिकाओं का उन्मुखीकरण किया गया एवं उनको आंगनबाड़ी केंद्रों के संचालन के लिए आवश्यक निर्देश भी दिए गए। आंगनवाड़ी सहायिकाओं को बताया गया कि बाल कुपोषण को समाप्त करने के लिए आंगनवाड़ी स्तर पर सभी बालकों का सही वजन/ऊंचाई लिया जाए उसके उपरांत आवश्यकता अनुसार पोषण उपलब्ध कराया जाए। स्तनपान के महत्व के बारे में भी सभी को विस्तृत जानकारी दी गई। ष्चलो निभाई अपनी जिम्मेदारीष् के बेहतर क्रियान्वन के लिए आंगनवाड़ी स्तर पर कर्मचारियों को निर्देशित किया गया। परियोजना अंतर्गत सभी पंचायत को सुपोषित पंचायत बनाने के लिए संकल्पित किया गया। बाल विवाह की कुरीतियों को समाप्त करने के लिए सभी को दृढ़ संकल्पित किया गया। बाल विवाह की पूर्व सूचना महिला एवं बाल विकास अथवा जिला प्रशासन को उपलब्ध करवाएं ताकि समय पर रोकथाम की जा सके। ‘’बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान तहत जागरूकता के लिए रैली का भी आयोजन किया गया। कार्यक्रम में परियोजना अधिकारी डॉ. संदीप रूहल, सेक्टर पर्यवेक्षक सीमा चौहान, रंजीता पंवार, सीमा सिकरवार, रचना गौड़, आशा सेन, शैलेश तोमर, शकुंतला ऐरवाल एवं ब्लॉक कोऑर्डिनेटर राम मिश्रा उपस्थित थे।