BREAKING NEWS
NEWS : संध्या चौपाल में जिला कलक्टर डॉ. मंजू ने.. <<     MANDI BHAV : एक क्लिक में पढ़े कृषि उपज मंडी मन्दसौर.. <<     REPORT : शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने कलेक्टर सख्त,.. <<     KHABAR : मानसून मेहरबान,,रतलाम में अब तक हो चुकी है.. <<     NMH MANDI : एक क्लिक में पढ़े कृषि उपज मंडी नीमच के.. <<     KHABAR : अंबेडकर आर्थिक कल्याण योजना से 87 युवाओं.. <<     KHABAR : औद्योगिक क्षेत्र को सैलाना रोड से मिलेगी.. <<     REPORT : लोक सेवा गारंटी में लापरवाही पड़ी भारी, तीन.. <<     KHABAR : आकांक्षी विकासखंड बाजना में बेहतर.. <<     KHABAR : कल नीमच में निकलेगी भव्य सनातन.. <<     KHABAR : शासकीय नर्सिंग कॉलेज में निःशुल्क कैंसर.. <<     NEWS : गौरव त्यागी व घनश्याम लोठ का सम्मान, अखिल.. <<     NEWS : सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता प्रकोष्ठ के.. <<     NEWS : जिला कारागृह और किशोर सम्प्रेक्षण गृह का.. <<     NEWS : तैलिक साहू समाज की नई नगर कार्यकारिणी.. <<     KHABAR : आरसेटी देवास की पहल- युवाओं को मिला एलईडी.. <<    
वॉइस ऑफ़ एमपी न्यूज़ चैनल में विज्ञापन के लिए..
January 14, 2025, 7:51 pm
KHABAR : चित्र प्रदर्शनी और नृत्य-नाटिका से दिखाया जाएगा वीरांगना रानी दुर्गावती का जीवन, कल से होगी अवदान प्रेरणा उत्सव की शुरूआत, पढ़े खबर 

Share On:-

धार। मध्यप्रदेश शासन, संस्कृति विभाग एवं जिला प्रशासन के सहयोग से जिले के 6 जनजातीय विकासखंडों में मध्यप्रदेश के ऐतिहासिक चरित के जीवन आधारित प्रेरणा उत्सव का आयोजन किया जा रहा है। उत्सव 15 जनवरी, 2025 से 23 जनवरी, 2025 तक जनजातीय विकासखंडों में एक-एक दिवसीय संयोजित किया जा रहा है। उत्सव में स्वातंत्र्य समर की अप्रतिम गोण्ड नायिका वीरांगना रानी दुर्गावती नृत्य-नाटिका की प्रस्तुति एवं उनके जीवन और अवदान केंद्रित चित्र प्रदर्शनी का संयोजन किया जा रहा है।

उत्सव की पटकथा योगेश त्रिपाठी, रीवा द्वारा लिखी गई है। धार जिले के उमरबन, धार, गंधवानी, सरदारपुर, बाग, कुक्षी, डही, निसरपुर, मनावर, धरमपुरी, तिरला जनजातीय विकासखंड में उत्सव का आयोजन किया जाएगा। प्रस्तुति का कथासार - कालिंजर के राजा महाराज कीर्ति सिंह चंदेल की पुत्री दुर्गावती का विवाह गढ़ा के गोण्ड राजवंश के महाराज संग्राम सिंह के पुत्र दलपत शाह से हुआ। दलपत शाह और दुर्गावती दोनों ही अस्त्र-शस्त्र शिक्षा में पारंगत थे, साथ ही दोनों धार्मिक और जनहित के कार्यों में भी रुचि लेते थे। रानी को एक पुत्र पैदा हुआ जिसका नाम वीर नारायण रखा गया। पुत्र अभी छोटा ही था कि दलपत शाह का निधन हो गया। गद्दी पर वीर नारायण को बिठाया गया, लेकिन राजकाज रानी देखती रहीं। मुगल सम्राट अकबर दुर्गावती के सौंदर्य और बहादुरी के चर्चे सुन चुका था और गढ़ा राज्य को अपने अधीन करना चाहता था। इस हेतु उसने रानी को एक सोने का पिंजरा भिजवाया। रानी पिंजरा भेजने का आशय समझ गईं और उन्होंने जवाब में उतने ही वजन का सोने का पिंजरा भिजवाया, जिसे जुलाहे लोग काम में लाते हैं। अकबर पिंजरा देखकर आगबबूला हो गया और उसने अपने सूबेदार आसिफ खां को हमला करने के लिए हुक्म जारी कर दिया। पहले हमले में आसिफ खां ने शिकस्त खाई, लेकिन लगातार दूसरे हमले में रानी बहादुरी के साथ लड़ती हुई वीरगति को प्राप्त हो गईं। चौरागढ़ के किले में उनके किशोर वय के वीर पुत्र वीर नारायण भी लड़ते हुए शहीद हुए। किले के अंदर की सैकड़ों महिलाओं ने जौहर कर लिया। मातृभूमि की रक्षा करने के लिए महारानी दुर्गावती का बलिदान हमारे सामने एक ऐसा आदर्श उदाहरण है, जो हजारों वर्ष तक समस्त भारतवासियों को देश के लिए मर-मिटने की प्रेरणा देता रहेगा। 

VOICE OF MP
एडिटर की चुनी हुई ख़बरें आपके लिए
SUBSCRIBE