नीमच। नीमच से भीलवाड़ा चलने वाली एक निजी बस में अनीति व अव्यवहारिक माहौल बना हुआ रहता है। बस में उसके कर्मचारियों द्वारा महिलाओं से अभद्र व्यवहार किया जाता है, बस में सवारी कम होती है और लोडिंग समान अधिक होता है। यातायात विभाग और आरटीओ विभाग की आंखों में धूल झोंककर खुलेआम यातायात नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए बस का संचालन किया जा रहा है।
इस संबंध में जानकारी देते हुए जिला प्रेस क्लब सचिव मनीष चांदना ने बताया कि निजी बस सुबह 8 बजे के लगभग नीमच से भीलवाड़ा के लिए चलती है। इस बस में अन्य यात्रियों के साथ निंबाहेड़ा में नौकरी करने वाली शिक्षक महिलाएं व अन्य कर्मचारी भी अप डाउन करते हैं। बस के कर्मचारियों का व्यवहार ठीक नहीं रहता है। बीते कुछ दिनों पूर्व एक शिक्षिका महिला यात्री से निंबाहेड़ा नौकरी पर जाते समय बस के ड्राइवर द्वारा अभद्र व्यवहार किया गया था, जिसके बाद शिक्षिका के पति द्वारा बस मालिक पप्पू से शिकायत की गई। भविष्य में पुनरावृत्ति ना हो इसके लिए बातचीत की रिकॉर्डिंग भी सुरक्षित रखी गई। लेकिन उनके कर्मचारियों का व्यवहार नहीं सुधरा। बस मालिक पप्पू भी खुद दादागिरी करता है। दादागिरी करते हुए यातायात नियमों का उल्लंघन किया जा रहा है। बस मालिक के संरक्षण में खुले आम बस में अभद्र व्यवहार होता है।
आए दिन होने वाली अभद्र व्यवहार की घटना के बाद महिला शिक्षिका ने बस से निंबाहेड़ा जाना छोड़ दिया और बस से पहले आने वाली जनता गोल्डन बस जो भीलवाड़ा तक जाती है उस बस में जाना प्रारंभ कर दिया।
जिसके बाद बस मालिक की दादागिरी व आतंक इतना बढ़ गया। हालात यह हुए कि रोजाना नौकरी पर निंबाहेड़ा जाने वाली महिला शिक्षिका ने ग्वालटोली नाके से जनता गोल्डन बस में बैठने के लिए जब बस को रोकना चाहा तो उसी बस के पीछे कार से आ रहे बस के मालिक ने दादागिरी करते हुए बस नहीं रोकने दी। जिसके कारण महिला शिक्षिका स्कूल समय पर नहीं पहुंच पाई।
ऐसा ही घटनाक्रम फिर से मंगलवार को घटित हुआ हुआ। जिसमें जनता गोल्डन बस में बैठने के लिए महिला शिक्षिका जो ग्वालटोली से बस में बैठती है, ग्वालटोली ने बस को रोकना चाहा लेकिन आजाद बस के मालिक ने जनता गोल्डन बस को दादागिरी करते हुए ग्वालटोली के वहां नहीं रुकने दिया, वहां से महिला शिक्षिका अपने पति के साथ जनता गोल्डन बस में बैठने के लिए कलेक्टर कार्यालय चौराहा पहुंची तो वहां भी जनता गोल्डन बस को आजाद बस के मालिक ने पप्पू ने नहीं रुकने दिया। जिसके बाद महिला शिक्षिका को उनके पति दो पहिया वाहन पर बिठाकर कनावटी तक ले गए और वहां से जनता गोल्डन बस में बिठाया।
महिला शिक्षिका को बस में बिठाने के बाद कलेक्टर चौराहा पर खड़े आजाद बस के मालिक पप्पू से महिला शिक्षिका के पति ने बोला कि आप बस में सवारी क्यों नहीं बैठने दे रहे हो, आपकी आजाद बस में दुर्व्यवहार होता है, लोडिंग समान अधिक होता है, बस में बैठने की जगह भी नहीं रहती है, और निर्धारित समय से काफी देरी से निंबाहेड़ा बस पहुंचती है जिसके चलते अगर आजाद बस में नहीं बैठकर आपके बस के समय से पूर्व आने वाली जनता गोल्डन बस में बैठ रहे है तो आप सवारी को बैठने क्यों नहीं दे रहे है। क्यों दादागिरी कर रहे हो तो, आजाद बस का मालिक पप्पू कलेक्टर चौराहे पर ही यात्री महिला के पति को गंदी गंदी गालियां देने लगा। और मारपीटी पर उतारू होने लगा व दादागिरी से बोलने लगा कि में मेरी बस के अलावा दूसरी बस में किसी भी यात्री को बैठने नहीं दूंगा । इसके बाद भी बस मालिक महिला यात्री के पति को धमकाने लगा और कहने लगा तुझसे जो हो कर ले मै किसी से डरता नहीं। कहने लगा मेरे बस का संचालन मेरे हिसाब से ही होता है। यह सब वाक्या कलेक्टर कार्यालय चौराहे पर लगे सीसीटीवी कैमरे में भी कैद हो गया है। और वहां उपस्थित दुकानदार और आने जाने वाले भी आजाद बस मालिक की दादागिरी देख रहे थे।
यहां विचारणीय है कि ऐसा बस मालिक जो खुद दादागिरी करता है और समाधान हेतु बात करने वाले व्यक्ति के साथ गंदी-गंदी गालियां देता है और यात्रियों व उनके परिजनों को देख लेने की धमकी देता है। तो समझा जा सकता है उसके बस के कर्मचारी कैसे होंगे और बस में कैसा व्यवहार होता होगा।
बस में हो रही अनियमितताओं को लेकर इस संबंध में बुधवार को जिला कलेक्टर, आरटीओ अधिकारी व यातायात विभाग के अधिकारी से रूबरू मिलकर मय साक्ष्य के इसकी शिकायत की जाएगी।
परमिट सवारी यात्री का और बस में ठसा ठस भरा रहता है सामान-
यातायात नियमों को ताक में रखकर नीमच से भीलवाड़ा तक संचालित होने वाली आजाद बस नाम के लिए यात्री बस है। बस के ऊपर तो सामान रखा हुआ रहता ही है वहीं बस के अंदर यात्री सीटों पर लोडिंग सामान ठसा ठस भरा रहता है। सामानों से गंदी बदबू भी आती है और यात्री ठीक तरह से बैठ भी नहीं पाते है। भीलवाड़ा से नीमच आते समय तो आजाद बस, यात्री बस कम लोडिंग लाने वाली बस अधिक लगती है। जब की लोडिंग समान लाने ले जाने हेतु उसके लिए ट्रक व अन्य लोडिंग वाहन होते है लेकिन यहां तो खुले आम यातायात नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही है। और यह क्रम आज का नहीं बीते कई वर्षों से जिम्मेदारों की आंखों के सामने हो रहा है।