उज्जैन। सिंहस्थ मेला क्षेत्र में आने-जाने के लिए अब शिप्रा नदी पर 12 ब्रिज बनाए जाएंगे। इसमें पुराने ब्रिज के समानांतर भी नए ब्रिज का निर्माण होगा। जाम फ्री ब्रिज के तहत सिंहस्थ-2028 में वन-वे सिस्टम लागू हो सकेगा। इसमें साधु-संत व श्रद्धालु एक पुल से आएंगे और दूसरे पुल से जा सकेंगे। इससे आवागमन तो आसान होगा ही ब्रिज पर जाम भी नहीं लगेगा।
सिंहस्थ में करीब 14 करोड़ श्रद्धालुओं के आने की संभावना के चलते मेला क्षेत्र में आने-जाने के लिए अब तक करीब 12 ब्रिज प्रस्तावित किए जा चुके हैं। इनका निर्माण होने से सिंहस्थ के समय इंदौर रोड से आने वाले श्रद्धालु इंदौर रोड सिक्स लेन पर परमेश्वरी गार्डन के समीप के रास्ते से होकर सीधे मेला क्षेत्र में जा सकेंगे। इस मार्ग पर ब्रिज का निर्माण किया जाएगा। केडी गेट से गोंसा तक बनाई जाने वाली सड़क को कनेक्ट करने के लिए भी नदी पर ब्रिज बनाया जाएगा। रामघाट से दत्त अखाड़ा घाट पर स्थित छोटे पुल को तोड़कर करीब 12 मीटर बड़ा पुल बनाया जाएगा।
पूरे नदी क्षेत्र में दोनों तरफ करीब 29 किमी में घाटों का निर्माण भी होगा। इससे श्रद्धालुओं को एक घाट से दूसरे घाट तक पहुंचने में आसानी होगी और एक जगह भीड़ भी नहीं लगेगी। सिंहस्थ मेला क्षेत्र तक जिन सड़कों का निर्माण किया जाना प्रस्तावित है, उनकी मेला क्षेत्र तक की कनेक्टिविटी के लिए भी शिप्रा नदी पर ब्रिज का निर्माण होगा।
ऐसे बिछेगा ब्रिज का जाल... शिप्रा नदी पर बनेंगे नए ब्रिज
लालपुल पर नया ब्रिज, वाकणकर ब्रि ज के समीप, कर्कराज मंदिर से भूखी माता मंदिर क्षेत्र में, नृसिंह घाट के पास में, रामघाट पर छोटी रपट को तोड़कर बड़ा ब्रिज, केडी गेट से गोंसा के बीच की सड़क पर, मंगलनाथ पर नाले को तोड़कर ब्रिज, भैरवगढ़ पहुंचमार्ग पर पुराने ब्रिज के समानांतर नया ब्रिज, सिद्धवट और अंगारेश्वर मंदिर के बीच में ब्रिज, इंदौर-उज्जैन सिक्स लेन निर्माण के तहत त्रिवेणी पर ब्रिज, गऊघाट से मेला क्षेत्र को जोड़ने के लिए ब्रिज और परमेश्वरी गार्डन के समीप से होकर मेला क्षेत्र में जाने वाली सड़क पर ब्रिज का निर्माण।
इन सड़कों का चौड़ीकरण
गऊघाट, उजड़खेड़ा, मुल्लापुरा, मोहनपुरा, धरम बड़ला, रामघाट पहुंच मार्ग, दत्त अखाड़ा, रेती घाट, भूखी माता मंदिर पहुंच मार्ग, सदावल रोड, कार्तिक मेला प्रांगण से मौजमखेड़ी, कालभैरव मंदिर, गढ़कालिका रोड, मंगलनाथ मार्ग का चौड़ीकरण होगा।
तीन ब्रिज के टेंडर हो चुके
लालपुर से चिंतामण क्षेत्र को जोड़ने वाले मार्ग पर बनाए जाने वाले ब्रिज का टेंडर हो चुका है। मंगलनाथ मंदिर के समीप कमेड़ में नाले को तोड़कर बनाए जाने वाले ब्रिज और वाकणकर ब्रिज के समीप नए ब्रिज का भी टेंडर हो चुका है।