गुना। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के कार्यक्रम में राजनैतिक भाषण देने वाले सरपंच पति और सरकारी टीचर को सस्पेंड कर दिया गया है। उन्होंने विधायक का नाम नहीं लिया था। इससे विधायक भी नाराज थे। हालांकि, शिक्षा विभाग ने आदेश में लिखा है कि जांच के दौरान वह स्कूल में नहीं मिले। इसलिए उन्हें सस्पेंड किया गया है।
बता दें कि 11 जनवरी को केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने तीन विद्युत सब स्टेशनों का लोकार्पण किया। गेहूखेड़ा गांव में यह कार्यक्रम आयोजित किया गया था। कार्यक्रम में स्वागत भाषण चांदोल स्कूल में पदस्थ सरकारी टीचर शिवकुमार रघुवंशी ने दिया था। संबोधन के दौरान उन्होंने मंच पर बैठे सभी नेताओं का नाम लिया, लेकिन उन्होंने गुना विधायक पन्नालाल शाक्य का नाम नहीं लिया था।
जब विधायक पन्नालाल शाक्य संबोधित करने आए, तो उन्होंने इशारों में ही इस पर नाराजगी जाहिर कर दी थी। कहा था कि मेरा केवल इतना ही निवेदन है कि हम ढाई लाख जनता के प्रतिनिधि हैं, कोई ये न समझे कि हमें जेब में रख लेंगे या मुंह में रख लेंगे। हम ढाई लाख के प्रतिनिधि हैं, मतलब हम महाराज साहब के भी प्रतिनिधि हैं। इसलिए ये गलती न करे कोई भी कि जेब में रख लेंगे या मुंह में रख लेंगे। रखने की अगर हिम्मत है तो उसका परिणाम भी देख लेना।
एक दिन पहले किया गया सस्पेंड
सूत्रों की मानें तो तभी से विधायक नाराज चल रहे थे। शिक्षा विभाग ने टीम भेजकर चांदौल सरकारी स्कूल की जांच कराई। इस दौरान शिक्षक शिवकुमार रघुवंशी अनुपस्थित मिले। बच्चों ने बताया कि त्योहार के कारण वह जल्दी चले गए। शिक्षा विभाग ने इसे लापरवाही मानते हुए गुरुवार को टीचर शिवकुमार रघुवंशी को सस्पेंड कर दिया है।