बड़वानी। सुखविलास कॉलोनी में शुक्रवार को मकर संक्रांति के उपलक्ष्य में एक विशेष हल्दी-कुमकुम कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम अनिता सिरसाट की ओर से आयोजित किया गया, जिसमें महिलाओं ने महाराष्ट्रीयन वेशभूषा में सजकर उत्साहपूर्वक भाग लिया।
महिलाओं ने हल्दी-कुमकुम लगाकर सदा सुहागिन रहने का आशीर्वाद दिया
इस कार्यक्रम की खासियत यह रही कि न केवल महाराष्ट्रीयन समाज की महिलाएं, बल्कि विभिन्न समाजों की महिलाएं भी महाराष्ट्रीयन परिधान में शामिल हुईं। सुहागिन महिलाओं ने एक-दूसरे को हल्दी-कुमकुम लगाकर और वान भेंट कर सदा सुहागिन रहने का आशीर्वाद दिया।
आयोजक अनिता सिरसाट ने कार्यक्रम के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भौतिक युग में भारतीय संस्कृति और परंपराओं को संरक्षित करना आवश्यक है। उन्होंने बताया कि हल्दी-कुमकुम सनातन संस्कृति में अखंड सौभाग्य का प्रतीक है, और इसकी परंपरा मकर संक्रांति से शुरू होती है।
श्रृंगार सामग्री भेंटकर महिलाओं ने निभाई परंपरा
कार्यक्रम में महिलाओं ने एक-दूसरे को श्रृंगार सामग्री भेंट कर परंपरा को निभाया। इस अवसर पर रितु सिरसाट, आरती सोनाने, योगिता सोनाने, रोहिनी मांडगे, कीर्ति सोनी, अनिता चौहान, गोपी मोरे, शारदा रेखा सोनी, मीना सोनी, छाया यादव, कामिनी, दुर्गा भाटिया, कविता यादव सहित अन्य महिलाएं उपस्थित रहीं। आयोजन महिलाओं के बीच सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक एकता का प्रतीक बन गया।