नीमच। जिला नीमच अंतर्गत रामपुरा तहसील क्षेत्र के ग्राम खिमला के समीप बन रहे ग्रीनको प्रोजेक्ट में अक्सर इस पूरे मामले में प्लांट प्रबंधन ने पहली बार अपना पक्ष रखा है। उन्होंने बताया कि प्लांट में काम कर रहे मजदूरों की सुरक्षा का पूरा ध्यान रखा जाता है। अब प्लांट से मजदूरों की मौत होने के मामले सामने आ रहे है। इस पूरे मामले को लेकर पहली ग्रीन को के जनरल मैनेजर तिलक राज शर्मा तथा अमित सोनी ने अपना पक्ष रखा। तिलक राज शर्माने बताया कि बीते दिनों ग्रीन में जो दुर्घटना का मुद्दा आया था, उसमें टनल के अंदर कुछ मजदूर काम कर रहे थे, इस दौरान अचानक टनल के ऊपर से मलबा गिरने से दो मजदूर घायल हो गए थे। इनमें एक की मौत हो गई, जबकि दूसरे का ज्ञानोदय मल्टीस्पेशीलीटि हास्पिटल में उपचार जारी है। मजदूर की मौत के बाद प्लांट में काम कर रहे मजदूरों ने हड़ताल शुरु कर दी। मुआवजे की मांग को लेकर कंपनी के वर्कर हडताल करने लगे। शर्मा ने बताया कि मुआवजा एक प्रक्रिया के तहत दिया जाता है। वैध दस्तावेजों के आधार पर मजदूर के परिजनों को मुआवजा दिया जाता है। मुआवजा देने की प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता रखी जाती है। मंदसौर के लैबर कमिश्नर के जरिए मजदूर के परिजनों को भुगतान किया जाता है। जब से प्लांट शुरु हुआ, तब से यहां कुल 3 मजदूरों की मौत हुई है। पूर्व में हुई दुर्घटना में जो मजदूर की मौत हुई थी, जिसमें उसके परिजनों को 11 लाख 56 हजार रुपए दे चुके है। हडताली मजदूर मुआवजा नहीं देने सहित सुरक्षा की मांग कर रहे थे, लेकिन प्लांट में मजदूरों की सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम है। साभी मजदूरों को बड़े बोर्ड पर सूचना जारी की जावेगी , मजदूरों के लिए एक हेलफ्लेन नबर जारी किया जावेगा मजदूरों के प्रक्षिषण के दौरान एसअभी पत्रकारों आमत्रित किया जावेगा।
पत्रकारों को भी मिलेगा सम्मान-
ग्रीन को के अपने सेफ्टी फ्फिसर है, सेफ्टी इंजीनियर है। इसके अलावा एल एंड टी तथा रितविक जैसी कंपनियों के पास भी अपने सेफ्टी अधिकारी है। प्लांट में एमबीबीएस डॉक्टर को नियुक्ति किया हुआ है। जो 24 घंटे सेवा देते है। फ़ार्मासिस्ट और डिस्पेंसरी भी है। सुरक्षा के नजरिए से हर बात का ध्यान रखा गया है। जिन 3 मजदूरों की मौत हुई है। उनमें से 2 को मुआवजा दे चुके है, जबकि एक मजदूर को मुआवजा देने की प्रक्रिया जारी है। जल्द मुआवजा दिया जाएगा।