भोपाल। कार्यक्रम की अध्यक्षता क्षेत्रीय निदेशक अशोक विश्वास ने की। कार्यशाला का संयोजन वैज्ञानिक श्सीश् पैसिनी पटेल ने किया, जबकि संचालन शुभी मिश्रा द्वारा किया गया। इस दौरान विशेषज्ञों ने डिजिटल युग में हिंदी की बढ़ती भूमिका पर भी चर्चा की और बताया कि सोशल मीडिया से लेकर ऑनलाइन प्लेटफॉर्म तक हिंदी कंटेंट की मांग लगातार बढ़ रही है।
कार्यशाला में विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों की सक्रिय भागीदारी रही, जिन्होंने हिंदी के प्रभावी उपयोग और इसके माध्यम से भारतीय संस्कृति के संरक्षण पर अपने विचार साझा किए।राजभाषा हिंदी को बढ़ावा देने की पहलरूकेंद्रीय भूजल बोर्ड भोपाल में विशेष कार्यशाला, विशेषज्ञों ने की हिंदी के महत्व पर चर्चा भोपाल में केंद्रीय भूजल बोर्ड (उत्तर मध्य क्षेत्र) ने राजभाषा हिंदी के प्रचार-प्रसार के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। बोर्ड द्वारा 16 जनवरी 2025 को वार्षिक हिंदी कार्यशाला का आयोजन किया गया, जिसमें हिंदी भाषा के विकास और कार्यालयीन उपयोग पर विशेष जोर दिया गया।
कार्यशाला में मुख्य वक्ता डॉ. कपिल भार्गव ने हिंदी को राष्ट्रीय एकता का माध्यम बताते हुए इसके महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि हिंदी न केवल भारत की आधिकारिक भाषा है, बल्कि यह विभिन्न राज्यों और भाषाओं के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में कार्य करती है। साथ ही, हरिशंकर नामदेव ने कार्यालयीन कामकाज में हिंदी के प्रभावी उपयोग पर बल दिया।