मंदसौर। राष्ट्रीय स्तरीय माउंटेनियरिंग एडवेंचर कोर्स हिमालय पर्वतारोहण, संस्थान दार्जिलिंग, भारत सरकार के द्वारा यह कोर्स आयोजित किया गया। जिसमें पूरे भारतवर्ष से 70 प्रतिभागीयों ने भाग लिया। जिसमें मध्य प्रदेश का प्रतिनिधित्व करते हुए मंदसौर जिले के सेंट थॉमस सीनियर हाई सेकेंडरी स्कूल मंदसौर के 18 छात्र सैनिक ने मध्यप्रदेश के नेतृत्व में कोर्स पूर्ण कर मंदसौर लौटने पर जिला कलेक्टर अदिति गर्ग द्वारा सभी बच्चों को प्रमाण पत्र एवं बैच लगाकर सम्मान किया गया। सभी छात्रों को जिला कलेक्टर कार्यालय में जिला मंदसौर माउंटेनियरिंग संगठन की पदेन अध्यक्ष एवं जिला कलेक्टर अदिती गर्ग ने सभी छात्र-छात्राओं से चर्चा की एवं कोर्स के दौरान की गई गतिविधियों की जानकारी ली। ट्रैकिंग करना और माउंटेनियरिंग करने से बच्चों में नई ऊर्जा प्राप्त होती है। इससे फिजिकल फिटनेस बनी रहती है। सभी बच्चों को वर्कआउट करना चाहिए, और ग्राउंड से जुड़े रहना चाहिए। मंदसौर नन्हे मुन्ने पर्वतारोही में से पहले माउंट एवरेस्ट पर जाने वाला व्यक्ति जो भी हो इन्हीं बच्चों में से हो जो माउंट एवरेस्ट पर पहुंचे और मंदसौर के साथ-साथ प्रदेश का नाम और देश का नाम रोशन करें।
23 दिसंबर को हिमालय पर्वत संस्थान से प्रधानाचार्य कर्नल रजनीश जोशी के नेतृत्व में यह ग्रुप संदकपुर चोटी पर तिरंगा फहराने के लिए निकला यह ग्रुप प्रतिदिन 30 किलोमीटर पैदल यात्रा कर नेपाल देश के इलम जिले में जोबारी और कल्पोखरी गांव में होते हुए यह पश्चिम बंगाल की सबसे ऊंची बर्फीली चोटी जिसकी हाइट लगभग 12000 फीट से अधिक है, जिस पर सभी प्रतिभागियों ने सुबह 7.00 बजे पैदल यात्रा शुरू कर शाम 4.00 बजे सड़क को पहुंचकर तिरंगा लहराया। यह सभी पर्वतारोही छात्र सैनिक माउंटेनियर एवं ट्रूप कमांडर जितेंद्र कनौजिया, स्काउट अधिकारी ललित परमार के नेतृत्व में यह दार्जिलिंग में तीसरी बार कोर्स संपन्न हुआ है। मंदसौर की इस उपलब्धि पर 5 मध्य प्रदेश एनसीसी बटालियन के कमान अधिकारी कर्नल ज्योति प्रकाश, विद्यालय प्राचार्य सिस्टर अभया, जिला मंदसौर माउंटेनियरिंग संगठन के संरक्षक डॉक्टर क्षितिज पुरोहित, ने बधाई दी एवं उज्जवल भविष्य की कामना की।