रतलाम। आए प्रदेश के जनजाति कार्य, लोक परिसंपत्ति प्रबंधन, भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास मंत्री एवं रतलाम जिला प्रभारी मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह ने कहा कि आज प्रधानमंत्री ने वह कर दिखाया है जो जीतू पटवारी या इनके अब्बा ने देश की आजादी के 77 साल में कभी सोचा नहीं। जिनके आकाओं ने गरीब की चिंता नहीं कि वह आज गांव-गांव घूम कर बोले रहे संविधान बचाओ।
प्रभारी मंत्री शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा स्वामित्व योजना अंतर्गत भूमि स्वामी अधिकार अभिलेख वितरण के लाइव कार्यक्रम में रतलाम में शामिल हुए थे। कार्यक्रम कलेक्टोरेट सभागृह में हुआ। पीएम के कार्यक्रम के बाद मीडिया से चर्चा की।
कांग्रेस की संविधान यात्रा पर कहा कि आज प्रधानमंत्री ने गरीब के मान सम्मान, उनके बच्चों की पढ़ाई, उनके घर के मकान का सपना पूरा किया है। आजादी के 77 साल तक जिन लोगों ने व जिनके आकाओं ने गरीबों की चिंता नहीं की। वे आज गांव-गांव घूम कर बोल रहे हैं- संविधान बचाओ। आज जीतू पटवारी व इनके अब्बा को भी प्रधानमंत्री का धन्यवाद देना चाहिए। प्रधानमंत्री ने लाखों लोगों के चेहरे पर खुशी लाई है। दुनिया के गरीब लोगों के सपनों का साकार किया है।
अंबेडकर चुनाव लड़े तब उन्हें कांग्रेस पसंद नहीं थी
प्रभारी मंत्री शाह ने कहा कि उनके (कांग्रेस) के पास कोई काम नहीं है। उनको कुछ काम दिलाओ। अंबेडकर साहब का हम केवल नाम नहीं लेते, उनका सम्मान करते हैं। अंबेडकर साहब के जन्म स्थान पर स्मारक किसने बनाया। अंबेडकर साहब लंदन में पडे़। उस घर को म्युजियम किसने बनाया? अंबेडकर साहब का परिवार व जीवन नागपुर में बीता। उनके घर को सजा कर दुनिया को दिखाने के लिए किसने बनाया।
उन्होंने कहा कि अंबेडकर साहब जब चुनाव लड़े तो कांग्रेस की विचारधारा उनको पसंद नहीं थी। उनके रास्तों पर कांटे व रोड़ किसने अटकाए। जीतू दादा (जीतू पटवारी) के अब्बा सब जानते हैं। प्रभारी मंत्री की जबान से कई बार जीतू पटवारी की जगह जीतू जिराती भी निकला। जब उन्हें कहा जिराती नहीं पटवारी तो वह कहने लगे जीतू हो या कोई भी इनका (कांग्रेस) नाम लेना भी पसंद नहीं करता।
सौरभ शर्मा मामले में प्रभारी मंत्री की चुप्पी
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी द्वारा लगातार आरटीओ के पूर्व कॉन्स्टेबल सौरभ शर्मा के मामले पर बीजेपी के मंत्री व अधिकारियों की मिलीभगत के सवाल पर प्रभारी मंत्री ने कहा कि मैं छोटे-मोटे मुद्दों पर बात नहीं करता। उनका (कांग्रेस) काम विपक्ष में बैठ हंगामा करना है।
हमारा काम हंगामा करना नहीं है। गरीब के चेहरे पर मुस्कान लाने का काम है। काम करना, विकास करना। भारत सरकार की जांच एजेंसियां जांच कर रही हैं। मेरे जैसे छोटे मंत्री को बोलने की आवश्यकता नहीं है। मैं दावा कर सकता हूं हमारे प्रधानमंत्री, हमारे मुख्यमंत्री द्वारा जो भी दोषी होगा उसे छोड़ा नहीं जाएगा।
तहसीलदार को बनाया दिया बाबू
प्रभारी मंत्री ने कहा कि जनकल्याण का पर्व चल रहा है। अधिकारियों को गरीब को अच्छे से बैठाकर बात सुनना है। सर्किट हाउस में आज ही एक ऐसा मामला आया तो हमने तुरंत तहसीलदार को बाबू बना दिया। प्रभारी मंत्री का एक संदेश देना होता है। समय सीमा पर अधिकारी काम नहीं करेंगे, तो उनके साथ भी ऐसा ही होगा।
फ्री में कोई रेवड़ी नहीं बांटता
एक सवाल पर प्रभारी मंत्री शाह ने कहा कि कर्ज उसी को मिलता है जिसकी औकाद होती है। कर्ज की परंपरा आज की नहीं है। आदि अनादि काल से चली आ रही है। कर्ज उसे ही मिलता है जिसकी क्षमता हो। प्रजातंत्र में फ्री में कोई रेवड़ी नहीं बाटता। मां, बेटी की मदद करके उनके जीवन में खुशी लाने का काम कर रहे हैं।