चित्तौड़गढ़। न्यायालय जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग, चित्तौड़गढ के अध्यक्ष प्रभुलाल अमेटा व सदस्या राजेश्वरी मीना ने करंट से मृत्यु होने के एक परिवाद में विपक्षी चोला मंडलम जनरल इंश्योरेन्स कंपनी को 7 लाख रुपये मय ब्याज दिये जाने का आदेश दिया।
प्रकरणानुसार राशमी तहसील की उपरेड़ा निवासी परिवादिया सरजु देवी पत्नी स्व. उदयराम पूर्बिया ने आयोग में एक परिवाद अपने अधिवक्तागण नरेन्द्र कुमार पोखरना, अक्षत पोखरना के मार्फत इस आशय का पेश किया उसके पति उदयराम पिता रामा ने एक पिकअप गाड़ी खरीदी थी जिसका इण्डसंड बैंक से फाइनेन्स होकर चोला मंडलम जनरल इंश्योरेन्स कंपनी लि. के यहाँ से सात लाख रुपये का बीमा था जिसके पॉलिसी नम्बर 2884/ 00018063/ 3000/00 एवं क्लेम नंबर 2884001201 है। बीमा में पर्सनल एक्सीडेन्ट के तहत बीमा कवर था जिसकी वैधता अवधि 2025 तक थी। वर्ष 2020 में उदयराम की करंट लगने से मृत्यु होने के बाद पत्नी सरजु देवी द्वारा विपक्षीगणों से क्लेम चाहा गया था। क्लेम राशि नहीं दिये जाने पर परिवाद पेश किया गया। बैंक द्वारा बीमा कम्पनी को बार-बार अवगत कराने के बावजूद क्लेम राशि नहीं देने पर बैंक ने अपना सेवादोष होने से इंकार कर दिया। बीमा कम्पनी द्वारा जवाब में मृत्यु गंभीर बीमारी से होना बताया। दोनों पक्षो की बहस सुनने के पश्चात आयोग ने क्लेम प्रार्थना पत्र स्वीकार कर बीमा कम्पनी के विरूद्ध निर्णय पारित किया।