सनावद। पिछले दिनों जन भागीदारी समिति की बैठक शासकीय महाविद्यालय में आयोजित हुई। जिसमें समिति के सदस्यों के द्वारा शासकीय महाविद्यालय का नाम श्रीमंत बाजीराव पेशवा महाविद्यालय करने का प्रस्ताव मंजूर कर उच्च शिक्षा विभाग को भेजा गया। एक वर्ष से अधिक समय बीत जाने के बाद भी शासकीय महाविद्यालय का नाम परिवर्तन की अधिसूचना अभी तक भी जारी नही हुई।
गौरतलाब है कि खरगोन जिले के अन्य महाविद्यालय उस क्षेत्र के महापुरुषों के नाम से जाने जा रहे हैं बड़वाह विधानसभा में जहां एक और श्री महंत बाजीराव पेशवा की समाधि स्थल है प्राचीन धरोहर है उन्हीं के नाम से जन भागीदारी समिति के द्वारा बाजीराव पेशवा महाविद्यालय नामकरण करने का प्रस्ताव शासन को भेजा गया था।
इस संबंध में जन भागीदारी समिति के अध्यक्ष प्रभात उपाध्याय ने बताया कि हमारे द्वारा शासन स्तर पर प्रस्ताव बनाकर भेज दिया है यदि पत्राचार में किसी भी प्रकार के कोई परेशानी आ रही है तो हमारे द्वारा उच्च शिक्षा मंत्री व मुख्यमंत्री से भी चर्चा की जाएगी। वहीं संस्था के प्रभारी प्राचार्य एमएस पवार ने बताया कि उच्च शिक्षा विभाग व भोपाल से महाविद्यालय के नए नाम को मंजूरी मिल गई है लेकिन महेश्वर क्षेत्र में कैबिनेट की बैठक होने के चलते माननीय कलेक्टर व्यष्ट है 24 जनवरी तक कलेक्टर महोदय के द्वारा महाविद्यालय के नाम परिवर्तन की अधिसूचना जारी हो सकती है अब यह देखने वाली बात होगी कि 24 जनवरी के बाद भी महाविद्यालय का नाम की अधिसूचना जारी होती है या नहीं