मंदसौर। कलेक्टर कार्यालय के सभा हॉल में मंगलवार को जनसुनवाई का आयोजन हुआ। जिसमें एक अनोखा मामला देखने को मिला। सीतामऊ तहसील के दलावदा गांव के किसान नंदलाल परमार रामायण ग्रंथ लेकर अधिकारियों के सामने पहुंचे। उन्होंने बताया कि वे पिछले 30 वर्षों से अपने खेत में अफीम की खेती कर रहे हैं, लेकिन उनके पड़ोसी रामदयाल माली और भेरूलाल माली ने जमीनी विवाद के चलते उनकी फसल पर हानिकारक रसायन छिड़क दिया, जिससे पूरी फसल नष्ट हो गई।
जाति प्रमाण पत्र बनाने के लिए रिश्वत की मांग-
जनसुनवाई में एक अन्य गंभीर मामला दलौदा तहसील के बेहपुर निवासी पारस कुमार गायरी ने उठाया। उन्होंने बताया कि उनके बेटे के लिए जाति प्रमाण पत्र बनवाने गए थे, लेकिन पटवारी गजेंद्र सिंह ने रिपोर्ट देने से मना कर दिया। इतना ही नहीं, चौकीदार लक्ष्मण सिंह ने रिपोर्ट बनवाने के लिए रिश्वत की मांग की। जब पटवारी से फोन पर संपर्क किया गया, तो उन्होंने अपशब्दों कहते हुए रिपोर्ट लगाने से साफ इनकार कर दिया।
कई लोगों के समस्याओं का निराकरण नहीं हुआ-
कलेक्टर कार्यालय के सभा हॉल में आयोजित इस जनसुनवाई में कलेक्टर आदिति गर्ग और अपर कलेक्टर अर्चना जायसवाल ने पीड़ितों की समस्याएं सुनीं। हालांकि, कई पीड़ितों का आरोप है कि जनसुनवाई महज एक औपचारिकता बनकर रह गई है, क्योंकि उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हो पा रहा है। कई लोग बार-बार अपनी शिकायतें लेकर आ रहे हैं, लेकिन उनकी समस्याओं का निराकरण नहीं हो रहा है।