भोपाल। मध्य प्रदेश में ध्वजारोहण पर सियासत तेज हो गई है. कांग्रेस ने 26 जनवरी के आदेश को लेकर सरकार को घेरा है. कांग्रेस ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर लिखा- “दुर्भाग्यपूर्ण है कि मप्र शासन अब ध्वजारोहण और झंडा फहराने का अंतर भी भूल गया है! जैसे, ध्वजारोहण 15 अगस्त को लालकिले की प्राचीर से होता है! इसमें झंडे को रस्सी की मदद से नीचे से ऊपर की तरफ खींचा जाता है! जबकि, गणतंत्र दिवस पर झंडा पहले से ही ऊपर बंधा रहता है. बस रस्सी खींचकर इसे फहराना होता है।
इधर, बीजेपी ने कमलनाथ सरकार के समय का आदेश पोस्ट कर पलटवार किया है. बीजेपी प्रवक्ता नरेंद्र सलूजा ने एक्स पर लिखा- “पता नहीं कांग्रेस ने यह ज्ञान ख़ुद की सरकार के समय तत्कालीन मुख्यमंत्री कमलनाथ जी को क्यो नहीं दिया।? यह रहे उनके समय के आदेश३ अब कांग्रेस को तो तिरंगे, आजादी के महानायकों से चिढ़ रहती ही है क्योंकि उनका सबकुछ तो सिर्फ गांधी परिवार ही है।
बता दें कि 22 जनवरी को सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से ध्वजारोहरण को लेकर आदेश की गई थी. जिसमें राज्यपाल, मुख्यमंत्री और तमाम मंत्री किस जिले में तिरंगा फहराएगा, इसकी जानकारी दी गई है. जारी के आदेश के मुताबिक, सीएम डॉ. मोहन यादव इंदौर में, राज्यपाल मंगुभाई पटेल भोपाल के मुख्य समारोह में, डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा जबलपुर और डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ल रीवा में ध्वजारोहण करेंगे।