जबलपुर। कुम्हार व रजक जाति के कुछ लोगों ने मध्यप्रदेश हाई कोर्ट में एक जनहित याचिका दायर करते हुए उन्हें भी अनुसूचित जाति में शामिल करने की मांग की है। मामले पर गुरुवार को सुनवाई हुई। हाईकोर्ट जस्टिस विवेक अग्रवाल एवं जस्टिस अनुराधा शुक्ला की डिवीजन बेंच ने राज्य शासन, राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग, मध्य प्रदेश अनुसूचित जाति आयोग, पिछड़ा वर्ग आयोग को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
जबलपुर निवासी राकेश कुमार चक्रवर्ती और लक्ष्मण रजक की ओर से मध्यप्रदेश हाई कोर्ट में जनहित याचिका दायर की गई है। याचिकाकर्ता के वकील एसके कश्यप ने हाईकोर्ट में पक्ष रखते हुए कहा कि रजक समाज को प्रदेश के भोपाल, रायसेन व सीहोर में अनुसूचित जाति की श्रेणी में रखा गया है, इसी तरह से कुम्हार जाति को सतना, रीवा, टीकमगढ़, पन्ना, शहडोल, सीधी, दतिया सहित 8 जिलों में अनुसूचित जाति की श्रेणी का दर्ज दिया गया है।
याचिकाकर्ता के वकील ने हाईकोर्ट को बताया गया कि कुछ ऐसे जिले हैं जहां पर की कुम्हार और रजक जाति को पिछड़ा वर्ग में रखा गया है। आखिर ऐसा क्यों हो रहा है कि प्रदेश में एक ही जाति के लोगों को अलग-अलग जिलों में अलग-अलग जाति में रखा गया है, जो कि उनके अधिकारों का उल्लंघन है। सुनवाई करते हुए हुए हाईकोर्ट ने नोटिस जारी किया है। अगली सुनवाई अब दो सप्ताह बाद होगी।