चित्तौड़गढ़। चित्तौड़गढ़-भीलवाड़ा नेशनल हाइवे पर ट्रक ड्राइवर्स और आरटीओ कर्मचारियों के बीच बहसबाजी के बाद हंगामा हो गया। इसके कारण हाइवे पर जाम लग गया। एक तरफ जहां ट्रक ड्राइवर्स एकत्रित होकर आरटीओ के अधिकारियों और कर्मचारियों पर अवैध वसूली का आरोप लगाया। वहीं, आरटीओ इंस्पेक्टर ने इसे रूटीन चेकिंग बताया। हालांकि दोनों ही पक्ष गंगरार थाने पहुंचे। गंगरार डिप्टी प्रभुलाल कुमावत, सीआई डीपी दाधीच मय जाब्ता मौके पर पहुंचा। काफी समझाने के बाद जाम खोला गया।चित्तौड़गढ़-भीलवाड़ा नेशनल हाइवे गंगरार में टोल के पास आरटीओ की फ्लाइंग टीम सभी ट्रक ड्राइवर्स को रोक रहे थे। चेकिंग के नाम से डॉक्यूमेंट्स मांगे गए। ड्राइवर्स ने अपनी गाड़ी सड़क के बीच लगा दी। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच बहसबाजी शुरू हो गई। आरटीओ के अधिकारी द्वारा ड्राइवर के साथ मारपीट करने की बात भी सामने आ रही है। जबकि इसकी पुष्टि नहीं हुई है। इससे भड़क कर पीछे आ रहे कई ट्रक ड्राइवर्स ने गाड़ी रोककर हाइवे जाम कर दिया। सूचना मिलते ही गंगरार डिप्टी प्रभुलाल कुमावत, सीआई डीपी दाधीच मय जाब्ता मौके पर पहुंचे। जोजरो का खेड़ा टोल के दोनों तरफ दो किलोमीटर तक का जाम लग गया। पुलिस काफी देर तक सबको समझाते रहे। काफी देर बाद जाम खोला गया।
बता दे कि मार्च महीने में राजस्व आय के लिए इन दिनों सभी गाड़ियों की चेकिंग हो रही है। लेकिन आरटीओ अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा लगातार अवैध वसूली की जा रही है। पहले भी इस संबंध में कई शिकायतें आ चुकी है। ट्रक ड्राइवर और आरटीओ इंस्पेक्टर हरभजन गुर्जर दोनों थाने पहुंचे। ड्राइवर दिल्ली से आ रहा था। उनका कहना था कि डॉक्यूमेंट्स पूरे होने के बाद भी गलत चालान काटने और रुपए देने की बात कह रहे थे। जबकि आरटीओ इंस्पेक्टर ने इसे रूटीन चेकिंग का हिस्सा बताया। वहीं, इस बारे में जानकारी के लिए जब मीडिया ने प्रादेशिक परिवहन अधिकारी नेमीचंद पारीक को फोन किया गया तो उन्होंने फोन उठाना उचित नहीं समझा।