नीमच। रिटायर्ड सीआरपीएफ प्रशासनिक अफ़सर मोहम्मद अली अक़्सम अंसारी, वल्द मोहम्मद अली अक़्सद अंसारी 80 साल की उम्र में इंतिक़ाल फरमा गए। वे काफी समय से बीमार थे और पिछले कुछ दिनों से निजी हॉस्पिटल में भर्ती थे। गुरुवार को उन्होंने इस दुनिया को अलविदा कह दिया।
सीआरपीएफ जवानों ने दी अंतिम सलामी-
मरहूम की राष्ट्रसेवा में दी गई सेवाओं को सम्मान देते हुए सीआरपीएफ के जवानों ने उनके निवास स्थान, मकान नंबर 115, पुरानी नगर पालिका पर श्रद्धांजलि पेश की। सीआरपीएफ पुलिस महानिदेशक के निर्देश पर असिस्टेंट कमांडेंट सुरेंद्र कुमार की अगुवाई में जवानों ने गार्ड ऑफ ऑनर दिया और फूलों का चक्र अर्पित कर आखिरी विदाई दी।
उर्दू और शायरी से था गहरा लगाव-
मोहम्मद अली अक़्सम अंसारी उर्दू जबान के अच्छे जानकार थे और शायरी से खास लगाव रखते थे। उन्होंने कई शेर, नज़्में और ग़ज़लें लिखीं, जिन्हें लोगों ने खूब पसंद किया। उनकी लिखी हुई शायरी में गहरी सोच और एहसास का अक्स नजर आता था, जो उनके चाहने वालों के दिलों में हमेशा ज़िंदा रहेगी। वे मोहम्मद अली असलम अंसारी के बड़े भाई, इंजिनियर आज़म तौसिफ और द लाइव एक्सप्रेस के संपादक जर्नलिस्ट आलम तौकीर के वालिद थे। इसके अलावा अतहर फैज़ी, हमर नदीम और असग़र नवेद के ताया थे।
सोयम (तीजे) की फ़ातिहा जुमे बाद-
उनको गुरुवार रात तरावीह की नमाज़ के बाद 11 बजे महू रोड स्थित कब्रिस्तान में सुपुर्द-ए-ख़ाक किया गया। सोयम की फ़ातिहा शुक्रवार को जामा मस्जिद में जुमे की नमाज़ के बाद रखी गई है।