मनासा। शीतला सप्तमी पर मनासा सहित गांव देवरी खवासा में महिलाओं ने सुबह 4 बजे से ही पूजा-अर्चना शुरू कर दी। चैत्र मास के कृष्ण पक्ष की सप्तमी पर गुरुवार को शीतला सप्तमी का पर्व मनाया गया। महिलाओं ने घर-परिवार में सुख-समृद्धि तथा संक्रामक रोगों की निवृत्ति की कामना से शीतला माता का पूजन किया।
मान्यता है कि इस दिन घरों में चूल्हा नहीं जलता। नगरवासी एक दिन पहले बनाया ठंडा भोजन प्रसाद स्वरूप ग्रहण करते हैं। शीतला सप्तमी से ही ग्रीष्म ऋतु में ठंडा भोजन व पेय पदार्थों के सेवन की शुरुआत होती है। देवरी खवासा में गुरुवार को अलसुबह 4 बजे से महिलाओं की लंबी लंबी कतार लग गई थी जो कि शीतला माता का पूजन-अर्चन कर विशेष रूप से बनाए ठंडे भोजन का भोग लगाने मंदिर में पहुंची थी। इसी के चलते मनासा में भी महिलाओं ने शीतला माता मंदिर पहुंच शीतला पूजन किया जो दोपहर 12 बजे तक जारी रहा। शहर के शीतला माता मंदिर में साज सज्जा व श्रद्धालुओं की सुविधा के व्यापक प्रबंध किए गए हैं।
दोपहर 12 बजे के पहले पूजन का है विधान-
यह पूजन मध्य रात्रि से शुरू हो गया क्योंकि पूजन में शीतला माता को ठंडी पूजा चढ़ाई जाती है। पूजन का समय भी दोपहर बारह बजे से पहले तक रहता है। इसी के चलते शीतला पूजन के दौरान महिलाओं को काफी भीड़ देखी गई।