नीमच। ईदगाह कब्रिस्तान कमेटी नीमच सिटी के पदाधिकारियों और सदस्यों द्वारा फर्जी बिल बनाकर लाखों रुपये का गबन करने और 36 साल पहले मृत बताकर फर्जी प्रमाण पत्र तैयार करने, दानदाता द्वारा अपने माता पिता कि याद में बनाए गए बगीचे व बोर्ड को अपना नाम देकर फर्जी बिल बना रुपये हड़पने की साजिश के मामले को लेकर पूर्व सदर हाजी मोहम्मद हुसैन शाह द्वारा एक प्रेसवार्ता को संबोधित किया गया।
मोहम्मद हुसैन शाह ने बताया कि कब्रिस्तान कमेटी के सदस्यों द्वारा मुझे भ्रम में रखकर निर्माण कार्य जैसे प्रीकास्ट, सड़क निर्माण, कुआं खुदवाने आदि में भ्रष्टाचार किया गया है। विभिन्न प्रकार से किए गए भ्रष्टाचार में यूसुफ, अब्दुल रहमान कुरैशी, हामिद अख्तर मंसूरी और उनके चहेते मुख्य रूप से शामिल है। हामिद अख्तर अंसारी और अब्दुल रहमान कुरैशी द्वारा दुकानों की संख्या और किराए के बारे में जानकारी छिपाई गई।
हाजी शाह का आरोप है कि कब्रिस्तान कमेटी की दुकानें नाम मात्र के किराए पर दी गई है। लेकिन किराएदारों से पांच 5000 मासिक किराया लेकर जेब भरी जा रही है। आवाम को विश्वास में लिए बगैर फर्जी कमेटी बनाई गई। मोहम्मद हुसैन शाह ने पत्रकारों से कहा कि मेरे सदर रहते हुए मुझे कैश बुक नहीं दिखाई गई। नर्सरी से 31 जुलाई 2022 को ले गए पौधे के बिल में हेरफेर किया गया। मेरे द्वारा अपने मां-बाप की याद में स्वयं के खर्चे से बनाए गए गुलशने अदीब का बोर्ड पोत दिया गया। मुस्लिम समाजजन से इन लोगों ने चंदा लेकर ईद पर उनके नाम की घोषणा नहीं की। मोहम्मद हुसैन शाह का कहना है कि जो आय व्यय बैनर पर अंकित है, वह पूरी तरह संदिग्ध है।