नीमच। जिले के मनासा, जावद, सिंगोली में सीएम राईज स्कूल के भवन बनकर तैयार हो गये, मगर जिला मुख्यालय में अभी तक जमीन का चयन नहीं हो पाया। कारण यह था कि जो जमीन स्कूल के लिये चयन की गई थी वह हवाई पट्टी के पास थी जो सीएम राईज स्कूल के लिये उपयुक्त नहीं थी, जिसे शासन द्वारा नियुक्त एजेंसी ने भी अनुपयुक्त बताकर नकार दिया था। हाल ही में मोहन यादव सरकार ने एक फैसला लिया है जिसके अन्तर्गत नीमच की हवाई पट्टी का भी विस्तार होना है, उसके लिये और जगह की आवश्यकता पडेगी। इस कारण अब तो किसी भी हाल में वह जगह उपयुक्त हो ही नहीं सकती।
कृति संस्था ने स्कूल की दूरी के साथ इन सभी संभावित कारणों के साथ शहर के मध्य स्कूल बनाने के सुझाव विधायक महोदय व जिला कलेक्टर को दिया था, जिसमें सीएम राईज स्कूल के लिये उपयुक्त जगहें भी सविस्तार सुझाई थी, उसके बाद भी समय समय पर इस ओर पत्रों, समचारों, लेखों व ज्ञापनों के माध्यम से अनुरोध करते रहे कि सीएम राईज स्कूल शहर के मध्य शीघ्र बनें।
हाल ही में नीमच के विधायक ने शहर के मध्य सीएम राईज के लिये अपने सुझावों के साथ जगहें सुझाकर जिला प्रशासन को कहा है कि इनमें से किसी एक जगह का सीएम राईज के लिये चयन करें। उनमें एक आध जगह को छोडकर लगभग वही जगहें जो कृति ने सुझाई थीं।
विधायक ने एक तो जीवाजी राव छात्रावास की जमीन स्कूल के लिए सुझाई है और उसके खेल मैदान के लिये शा.बा.उ.मा.वि.क्र.2 का खेल मैदान सुझाया है। दूसरा बंगला नं.60 की जमीन सुझाई है। यहां हम यह भी बताते चलें कि इससे बंगला नं.60 में होने वाले अतिक्रमण से तो बचेंगे ही, इसके साथ ही उसके पीछे की जमीन, जो कभी नगरपालिका के पार्क बनाने के लिये रखी थी, वहां पिछले 10 वर्शों में पार्क तो नहीं बन पाया, अलबत्ता वहां अतिक्रमण जरूर हो रहा है, वह जमीन भी इसके साथ उपयोग में लाई जा सकती है। तीसरी मनासा रोड स्थित डाक बंगले के सामने वाले खाली पडे खेत की जमीन भी सुझाई है। शायद एक ओर जगह भी है, परन्तु वह लगता है कि गिनती बढाने के लिये सुझाई है क्योंकि वह जगह इन तीनों के सामने कुछ भी नहीं है।
हम शहर के मध्य विधायक द्वारा सुझाई जमीनों से सहमत हैं। हमारी शुरू से मांग रही है कि सीमए राईज स्कूल शहर के मध्य बने। इनमें से किसी भी जगह सीएम राईज स्कूल बने उपयुक्त होगा। इन जगहों पर बच्चे आसानी से आ जा सकेंगे और बच्चियों के लिये भी सुरक्षित रहेगा। साथ ही जिन बच्चों के मां बाप मजदूरी करने जाते हैं, उन्हें भी बच्चों को स्कूल छोडने की टेंशन नहीं रहेगी। इसके लिये आपका धन्यवाद।
सीएम राईज स्कूल जिस अवधारणा को लेकर शुरू किया गया था उसके उद्देश्यों के अनुकूल भी होगा। यह स्कूल उन बच्चों को ध्यान में रखकर शुरू किये गये हैं, जिन बच्चों के मां बाप निजी स्कूलों की भारी भरकम फीस व अन्य शुल्कों व खर्चों को वहन नहीं कर सकते। साथ ही जो ट्युशन व कोचिंग की फीस का खर्च भी वहन नहीं कर सकते, उन बच्चों को अच्छी स्कूल बिल्डिंग, अच्छा परिसर, अच्छा परिवेश, अच्छी पढाई मिल सके। गरीबों के बच्चों में कोई हीन भावना नहीं पनपे।
अब तो विधायक ने स्वयं ही जिला प्रशासन को जगह चयन के लिये लिखा है तो उम्मीद है वे स्वयं इस कार्य के शीघ्र करवाने का प्रयास भी करेंगे। जिला प्रशासन भी अपने कार्य में तेजी दिखाएगा, यह उम्मीद तो की जा सकती है, क्योंकि नीमच का सीएम राईज स्कूल नीमच जिले के ही अन्य स्कूलों से दो वर्श तो पहले ही पिछड गया है।
बात इतनी सी तो थी कि पहले ही शहर के मध्य सही जमीन का चयन हो जाता। अगर यह कार्य दो वर्श पहले हो गया होता तो नीमच का सीएम राईज स्कूल भी बनकर तैयार हो गया होता।
खैर जो हुआ सो हुआ अब जो होने वाला है उम्मीद है उसमें रूचि लेकर प्राथमिकता के आधार पर विधायक ने जैसा बताया है यह स्कूल 50 करोड का बनेगा तो विधायक इस बात पर भी पूरी नजर रखें कि यह 50 करोड जिस प्रोजेक्ट के लिये स्वीकृत हो उसी पर खर्च हो। यह गरीबों के बच्चों का भविश्य संवारने के लिये बनने वाले स्कूल के लिये है। इसका पूरा उपयोग उसी कार्य के लिये हो तो बेहतर है। मेरी बात का इशारा तो समझ ही गये होंगे।