उज्जैन। चैत्र मास के हर बुधवार को आयोजित होने वाली भगवान श्री चिंतामन गणेश की जत्रा का समापन बुधवार को शाही जत्रा के साथ हुआ। सुबह 4 बजे पट खुलते ही भगवान श्री गणेश का पंचामृत अभिषेक कर भव्य श्रृंगार किया गया। इस अवसर पर भगवान को 56 भोग अर्पित किए गए।
शाही जत्रा को लेकर सुबह से ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ने लगी थी। अनुमान है कि देर शाम शयन आरती तक हजारों भक्त दर्शन लाभ के लिए पहुंचेंगे। मंदिर समिति ने दर्शन व्यवस्था को लेकर विशेष इंतजाम किए थे।
शहर के प्रमुख धार्मिक स्थलों में शामिल श्री चिंतामन गणेश मंदिर में चैत्र मास की जत्राएं 19 मार्च, बुधवार से शुरू हुई थीं। तब से हर बुधवार को भक्तों की भीड़ उमड़ती रही। 9 अप्रैल को चैत्र मास की चौथी और अंतिम बुधवार को शाही जत्रा के रूप में मनाया गया।
मंदिर प्रबंधक अभिषेक शर्मा ने बताया कि शाही जत्रा के दिन भगवान के विशेष श्रृंगार के साथ पंचामृत अभिषेक और 56 भोग अर्पित किए गए। दर्शन के लिए सुबह से ही श्रद्धालु मंदिर पहुंचने लगे थे।मंदिर के पुजारी जयंत शर्मा के मुताबिक, चैत्र मास की शाही जत्रा में भगवान चिंतामन गणेश के दरबार में श्रद्धालु अपनी मनोकामनाएं लेकर पहुंचते हैं। मान्यता है कि इस दिन की गई प्रार्थना जरूर फल देती है।
एक लोक मान्यता यह भी है कि इस समय क्षेत्र में गेहूं और चने की फसल पक चुकी होती है। किसान अपनी नई उपज को बेचने से पहले भगवान को समर्पित करते हैं। इसी विश्वास के साथ वे शाही जत्रा में भाग लेते हैं।