चित्तौड़गढ़। श्री जैन दिवाकर स्वाध्याय साधना संस्थान भवन में चातुर्मासिक धर्मसभा में प्रवचन देते हुए संथारा विशेषज्ञ ,स्पष्ट वक्ता धर्म मुनि म.सा. ने कहा कि धन से मुक्ति नहीं मिलती है। मुक्ति तो धर्म से मिलती है। भगवान महावीर स्वामी ने साधना जंगलों में की थी महलों में नहीं। जो छोड़ने के भाव रखता है उसे युधिष्ठिर जैसे होना चाहिए जिन्होंने अपने राज महलों को छोड़ कर सिर्फ पांच गांव लेकर स्वयं को सुखी समझा। धर्म मन से किया जाता है और परोपकार करने के लिए मन होना चाहिए। ज्ञानी कहते है कि गुरु के सामने ज्यादा बोलना नहीं चाहिए। जो गुरु कहे उसे आचरण में लाना चाहिए। प्रातः सामयिक में अहिंसा का भाव समाहित रहता है। सारी दुनिया अपने अपने स्वार्थों से दुखी है। इसलिए अपने अपने स्वार्थ छोडकर परमार्थ करो । व्यर्थ की हिंसा छोड़ देनी चाहिये। अपने ही कर्म अपने को दुख देते हैं और अपने कर्म ही अपने को सुख देते हैं।भगवान महावीर स्वामी की बात माने बिना शांति और मोक्ष मिलना संभव नहीं है।
धर्मसभा में राजस्थान सरकार के उप मुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचन्द बैरवा ने धर्म मुनि म सा और संत साध्वियों का आशीर्वाद लिया और कहा कि जैन धर्म के सिद्धांतों को जीवन में अपनाकर हम अपने जीवन को सफल बना सकते हैं। चातुर्मास में गुरुओं के प्रवचन हमारी दशा और दिशा को सकारात्मक बना देते हैं और हम सभी के मन में सेवा,परोपकार और सनातन संस्कृति की भावना को बल मिलता है।
तपस्वी संत चिराग मुनि म सा ने उप मुख्यमंत्री डॉ बैरवा से विस्तृत धर्म चर्चा की। उप मुख्यमंत्री डॉ प्रेमचंद बैरवा का परंपरागत मेवाड़ी पाग और उपरना पहनाकर श्रमण संघ अध्यक्ष किरण डांगी,महामंत्री राजेश सेठिया,मंत्री प्रदीप बाबेल ने स्वागत अभिनंदन किया।
मुनि केशव विजय ने धर्मसभा में उपस्थित श्रावक श्राविकाओं से कहा कि सर्वप्रथम प्रकृति को धन्यवाद करना चाहिए ,फिर परिवार को और फिर परिस्थिति को धन्यवाद करना चाहिए तभी पुण्य का लाभ मिलता है। श्रमण संघ मीडिया संयोजक सुधीर जैन ने संचालन करते हुए बताया कि धर्मसभा में चंद्रेश मुनि म.सा, साध्वी रत्न श्री जी म.सा.एवं साध्वियां विराजित रहे। श्रमण संघ अध्यक्ष किरण डांगी ने 24 घंटे चल रहे अखंड नवकार मंत्र के प्रारंभ होने की जानकारी देते हुए विभिन्न स्थानों से आये श्रावक श्राविकाओं का स्वागत करते हुए संघ सूचना की जानकारी दी। धर्मसभा के अंत में गुरु वंदना के पश्चात धर्म मुनि महाराज ने मांगलिक श्रवण कराया। श्रमण संघ महामंत्री राजेश सेठिया ने जानकारी दी कि नियमित प्रवचन प्रातः8.45 से 10.15 बजे तक रहेंगे और श्रमण संघ द्वारा नगर परिषद उप नगरीय क्षेत्रों से आने वाले श्रावक श्राविकाओं के लिए निशुल्क वाहन की व्यवस्था की गई है।