भोपाल। मध्य प्रदेश सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है। प्रदेश में सरकारी इंजीनियरों को कंस्ट्रक्शन के नियम पढ़ाए जाएंगे। दरअसल, राजधानी भोपाल में 90 डिग्री, इंदौर में जेड शेप ओवरब्रिज के बाद पीडब्ल्यूडी एग्जाम कराएगा। रिजल्ट के बाद पोस्टिंग और जिम्मेदारी के बड़े काम दिए जाएंगे।
राजधानी भोपाल में 90 डिग्री समेत पूरे प्रदेश में इंजीनियरिंग के गजब नमूने सामने आए। इसे देखते हुए एमपी सरकार ने बड़ा निर्णय लिया है। प्रदेश में अब सरकारी इंजीनियरों की पढ़ाई होगी। इंजीनियरों को सिविल कंस्ट्रक्शन और इंडियन रोड कांग्रेस के नियम पढ़ाए जाएंगे। तकनीकी पढ़ाई के बाद विभागीय परीक्षा होगी।
एग्जाम में मिले नंबरों के आधार पर पोस्टिंग और जिम्मेदारी के बड़े काम दिए जाएंगे। बताया जा रहा है कि 15 अगस्त के बाद परीक्षा आयोजित होगी। परीक्षा में कार्यपालन यंत्री, सहायक यंत्री, उपयंत्री समेत अन्य स्तर के इंजीनियर शामिल होंगे। चीफ इंजीनियर और सुपरिंटेंडेंट इंजीनियर की भी पढ़ाई होगी। इतना ही नहीं साल भर मानकों का अध्ययन करना होगा। किस आधार और किस नियम, किस मानक के तहत डिजाइन बनाई जा रही है, यह भी उल्लेख करना होगा।