सरवानियां महाराज। प्रदेश के सरकारी प्राथमिक माध्यमिक विद्यालय में करीबन 6 ओ लाख बच्चे पंजीकृत है जिन्हे प्रधानमंत्री पोषण सनिर्माण योजना अंतर्गत दोपहर का मध्यान भोजन पकाकर खिलाने का कार्य लाखों महिला रसोईया द्वारा किया जा रहा है किंतु लंबे समय से जून माह मे भोजन पकाने की 15 दिन का रसोइया का मानदेय शासन द्वारा जारी नहीं किया जाता है एवं नगरी क्षेत्रों में मेकेनाइज्ड केंद्रीयकृत किचन बनने से प्रदेश में कार्यरत करीबन 2 लाख से अधिक महिला रसोइया का रोजगार छीन जाएगा।
शासन के इस महिला विरोधी गलत निर्णय का महिला स्वय सहायता समूह संघ विरोध प्रकट करता है प्रदेश में 96 हजार स्वयं सहायता समूह संचालकों द्वारा शासकीय विद्यालयो मे मध्यान्ह भोजन योजना का संचालन किया जा रहा है सरकार द्वारा अप्रेल माह के भोजन पकाने की लागत राशि अभी तक जारी नहीं की गई जिससे किराना सामग्री खरीदने में समूह संचालक आर्थिक रुप से भारी परेशान है। महिला स्वयं सहायता समूह द्वारा शासन से यह मांग है कि कार्यरत महिला रसोइया को लाडली बहना की तर्ज पर एक निश्चित दिनांक को मानदेय जारी किया जाए एवं विद्यालयो मे छात्र संख्या कम का हवाला देकर लंबे समय से कार्य कर रहे महिला रसोइया को नहीं हटाया जाए किचन सेट में कार्य करते वक्त रसोइया की सुरक्षा के लिए अलग से आर्थिक सहायता का प्रावधान हो निशुल्क बीमा हो एवं प्रति मंगलवार को विद्यालयों मे विशेष भोजन देना होता है जिसकी लागत ज्यादा आती है। विशेष भोजन की लागत दर बढाई जाए बच्चों की छुटी थालिया धोने के लिए अतिरिक्त महिला रसोईया नियुक्त हो जिसका मानदेय भी अलग से जारी हो समूह में अधिकतर महिलाएं कम पढ़ी-लिखी होती है जो अपना हिसाब किताब सही तरीके से नहीं रख पाती जानकारी के अभाव में अधिकारियो द्वारा उनका आर्थिक शोषण किया जाता है ।काम छीनने के डर से महिलाएं खुलकर अपनी समस्या सार्वजनिक रूप से नहीं बता पाती भारी महंगाई के इस दौर में आज ₹5 में चाय तक नहीं आती है इतने कम पैसे एवं कम खद्यान में समूह संचालक बच्चों को प्रतिदिन अलग-अलग मेनू के अनुसार खीर -पूरी, रोटी, परोठे , दाल - चावल दो सब्जी आदी की थाल सजाकर देते है इन सारी समस्या को लेकर महिला स्वयं सहायता समूह संघ मप्र के नेतृत्व मे15 जुलाई 2025 को एक दिवसीय चूल्हा बंद हड़ताल रखकर कलेक्टर कार्यालय में एकत्रित होकर शांतिपूर्वक विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।
पन्द्रह दिन का मानदेय दो साल से बाकी
प्रदेश भर में कक्षा 1 से 8 तक शासकीय विद्यालयों में मध्यान्ह भोजन योजना का संचालन महिला समूह द्वारा किया जा रहा है महिला रसोइया द्वारा प्रतिदिन के मेनू अनुसार दोपहर का मध्यान भोजन पकाकर बच्चों को खिलाने का कार्य रसोइया द्वारा किया जाता है , किंतु शासन और प्रशासन तथा जिम्मेदार विभाग हमारी सुनते नहीं है। जिसके विरोध स्वरूप पूरे प्रदेश में मांगें रखते हुए 15 जुलाई 2025 को मध्यान भोजन चुल्हा चोखा बंद हड़ताल की जा रही है।