इंदौर। पीसी सेठी हॉस्पिटल में जन्मी प्रदेश की अब तक की सबसे वजनी नवजात बच्ची (वजन 5.43 किलो) और उसकी मां की हालत स्थिर और पहले से बेहतर है। दोनों की लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है। डॉक्टरों के मुताबिक यह केस अपने आप में एक मेडिकल मिरेकल है, क्योंकि न तो मां को डायबिटीज थी और न ही कोई बड़ी शिकायत, फिर भी बच्ची का वजन औसत से लगभग दोगुना है।
बच्ची को स्पेशल न्यूबॉर्न केयर यूनिट में और मां को महिला आईसीयू में भर्ती किया गया है। बच्ची का आकार इतना बड़ा है कि देखने में वह तीन-चार महीने की लगती है। नवजात के पिता ने दैनिक भास्कर से बात करते हुए कहा कि हमें गर्व है कि प्रदेश की सबसे वजनी बच्चा हमारा है।
प्रेग्नेंसी में हाई रिस्क था, फिर भी जच्चा-बच्चा सुरक्षित
24 वर्षीय रीता (पति नंदकिशोर), निवासी बागडोद (रतलाम), की डिलीवरी शुक्रवार को सिजेरियन के जरिए हुई थी। उनकी हाइट मात्र 140 सेमी (4.59 फीट) है और वजन 90 किलो से अधिक था। इसके चलते सर्जरी काफी कठिन रही।
डिलीवरी के दौरान महिला का ब्लड प्रेशर 160/110 तक पहुंच गया था और किडनी पर असर शुरू हो गया था। डॉक्टरों ने दवाओं और इंजेक्शन से स्थिति को नियंत्रण में लिया।
गायनोकॉलोजिस्ट डॉ. कोमल विजयवर्गीय के मुताबिक, महिला को प्रीक्लेम्पसिया था। यह एक ऐसी स्थिति है जिसमें फुल टर्म प्रेग्नेंसी के दौरान ब्लड प्रेशर काफी बढ़ जाता है। आमतौर पर ऐसे मामलों में बच्चे छोटे होते हैं, लेकिन इस केस में बच्ची औसत से दोगुना वजनी निकली।