नीमच। पिछले कई दिनों से जारी बारिश ने नीमच जिले के किसानों की कमर तोड़ दी है। लगातार वर्षा के कारण खेतों में पानी भर गया है, जिससे खरीफ की फसलें खासतौर पर सोयाबीन, मक्का और उड़द पूरी तरह से खराब हो गई हैं।
पूरा जिला इस प्राकृतिक आपदा से प्रभावित हुआ है। आज सेदरिया, मानपुरा, धामनिया, सेमली चंद्रावत, सेमली चक, निपानिया, लाछ, नेवड़, चेनपुरा और सरवानिया बोर सहित कई गांवों के किसान जिला कलेक्टर कार्यालय पहुंचे और ज्ञापन सौंपा।
किसानों ने बताया कि भारी बारिश के कारण फसलें पीला मोज़ेक और गलन रोग की चपेट में आ गई हैं। सोयाबीन की फलियाँ काली पड़ गई हैं और पौधे गलने लगे हैं, जबकि मक्का और उड़द की फसलें भी पूरी तरह बर्बाद हो चुकी हैं। किसानों का कहना है कि उन्होंने खेती के लिए लाखों रुपये का कर्ज लिया था और इस बार अच्छी फसल की उम्मीद थी, लेकिन अब उनके सभी प्रयास बेकार हो गए हैं।
किसानों ने कलेक्टर से मांग की है कि सभी प्रभावित खेतों का तत्काल मौका-मुआयना किया जाए और जल्द से जल्द उचित आर्थिक मुआवजा प्रदान किया जाए, ताकि उनकी आजीविका और परिवार की भूखमरी से सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।