नीमच। बालकवि बैरागी टीचर्स रिसर्च एजुकेशन सेंटर, नीमच में हिंदी दिवस का आयोजन गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के चित्र पर दीप प्रज्ज्वलन और माल्यार्पण से हुआ। इस अवसर पर ज्ञानोदय विश्वविद्यालय की चांसलर डॉ. माधुरी चौरसिया, संस्था की प्राचार्य श्रीमती रिचा सक्सैना, डी.एड. प्राचार्य श्रीमती दुर्गा चौहान, आईटीआई प्राचार्य हरि सिंह राठौर, ज्ञानोदय इंस्टिट्यूट ऑफ प्रोफेशनल स्टडीज मानसा के प्राचार्य डॉ. दिनेश तिवारी एवं विशिष्ट अतिथि प्रो. पंकज श्रीवास्तव उपस्थित रहे।
मुख्य वक्ता प्रो. पंकज श्रीवास्तव ने हिंदी को राष्ट्रभाषा का दर्जा दिलाने की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि हिंदी हमारी आन-बान-शान और सांस्कृतिक धरोहर है। उन्होंने बताया कि हिंदी विश्व की तीसरी सबसे अधिक बोली जाने वाली भाषा है और इसे वैज्ञानिक भाषा का दर्जा प्राप्त है।
मुख्य अतिथि डॉ. माधुरी चौरसिया ने अपने उद्बोधन में कहा कि आज भी हिंदी को राष्ट्रीय भाषा का दर्जा न मिल पाना विडंबना है। हिंदी हमारी पहचान और प्रशासनिक व शैक्षणिक कार्यों की आधारशिला है।
इस अवसर पर विद्यार्थियों ने व्याख्यान, कविताएं और मुहावरों का वाचन प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में बी.एससी., बी.ए., बी.एड., डी.एड., डी.एल.एड. के छात्र-छात्राएं शामिल हुए। कार्यक्रम का संचालन प्राध्यापक किशन पुरोहित ने किया तथा आभार प्रदर्शन डॉ. दिनेश तिवारी ने किया।