मंदसौर। शहर में यातायात को सुगम, सुचारू और व्यवस्थित बनाने के लिए पुलिस एवं प्रशासन ने एक विशेष कार्ययोजना तैयार की है। यह योजना जनभागीदारी पर आधारित होगी। अधिकारियों का कहना है कि बिना जनता की जागरूकता के यातायात व्यवस्था प्रभावी नहीं हो सकती, इसलिए इसमें नागरिकों की सहभागिता और जिम्मेदारी को प्रमुखता दी गई है।
मुख्य क्षेत्र-
योजना का क्रियान्वयन सरदार पटेल चौराहा, गांधी चौराहा, भारत माता चौराहा, घंटाघर, उधम सिंह चौराहा, मंडी गेट, महाराणा प्रताप चौराहा, पुलिस पेट्रोल पंप, कृषि मंडी बीपीएल चौराहा समेत शहर के अन्य व्यस्ततम स्थलों पर किया जाएगा।
जनता की भागीदारी सुनिश्चित करना-
सुझाव मंच- “मंदसौर यातायात सेवक” नामक व्हाट्सएप ग्रुप बनाया जाएगा, जिसमें नागरिक और पुलिस प्रशासन के प्रतिनिधि जुड़ेंगे।
यातायात समिति- इसमें व्यापारी संघ, टेम्पो-टैक्सी संघ, हॉकर्स संघ, फल-फ्रूट विक्रेता, रेडक्रॉस सोसायटी, मजदूर संघ, चालक संघ, गणमान्य नागरिक, अन्य स्वेच्छिक संगठन और पुलिस टीम शामिल होंगे।
यातायात जागरूकता अभियान-
- विभिन्न संगठनों की बैठकें लेकर उन्हें यातायात व्यवस्था सुधार में उनकी भूमिका के लिए प्रेरित किया जाएगा।
- नागरिकों को समझाया जाएगा कि ट्रैफिक नियमों का पालन करना उनकी जिम्मेदारी है।
- रेड लाइट उल्लंघन, हेलमेट न पहनने और तेज रफ्तार जैसी आदतों पर रोक लगाने के लिए सामुदायिक प्रयास होंगे।
- जागरूकता और सहभागिता के लिए तीन सप्ताह का अभियान चलाया जाएगा।
यातायात नियंत्रण और ड्यूटी व्यवस्था-
व्यस्त चौराहों पर फिक्स ड्यूटी लगाई जाएगी। अनावश्यक भारी वाहनों को डायवर्ट कर यातायात को सुचारू किया जाएगा।
अन्य विभागों का सहयोग-
-सड़कों पर यातायात संकेतक, ब्लिंकर्स और पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था की जाएगी।
- सड़कों पर सफेद पट्टियां लगाकर यातायात को सुव्यवस्थित किया जाएगा।
- भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में चिन्हित स्थानों पर दोपहिया और चारपहिया वाहनों की पार्किंग कराई जाएगी।
सख्त कार्रवाई होगी-
अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जागरूकता अभियान के बाद भी यदि नागरिक यातायात नियमों का उल्लंघन करते पाए गए, तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।