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September 21, 2025, 4:23 pm
KHABAR : सरोकार- गोवंश को लंपी रोधी टीके लगाने आगे आया दल, तेजी से फैल रहा संक्रमण! गो रक्षकों ने करीब से समझी बे-जुबानों की पथराई आंखों से छलकती पीड़ा, पढ़े दिनेश वीरवाल की खबर 

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सरवानिया महाराज। एक तरफ कुछ लोग हैं जो पशुओं से मतलब का दुध निकल जाने पर उन्हें बे सहारा छोड़ देते हैं तो दूसरी तरफ कुछ लोग ऐसे हैं जो बे सहारा मवेशियों का सहारा बन जाते है और यही हमारे धर्म संस्कृति की खुबसूरती है, जिसमें हम बे-जुबानों की भाषा को पढ़ लेते है। पशुओं को जैसे ही कोई पशु पालक छोड़ता है तो उसी समय  पशु के माथे पर आवारा होने की मोहर लग जाती है। 
धरती पर विचरण करते मुक पशुओं को भगवान ने जीभ तो दी लेकिन जुबानी भाषा वाली आवाज़ नहीं दी। परन्तु इनकी पथराई आंखों से छलकती पिड़ा को समझने के लिए इंसानों को दिमाग के साथ दिल भी दिया और उसी समझ का नाम आज गो रक्षा दल है जो इन बेजुबानो की भाषा को समझ कर इनका दर्द कम करने में लगा है।
बेसहारा छोड़ दिए गए गो वंश को संक्रमण ना हो इसके लिए रविवार को एक टीम ने बेसहारा और लावारिस गो वंश को पकड़कर उन्हें लंपी रोधी टिकें लगायें। मवेशियों में तेजी से फेल रहे लंपी रोग की रोकथाम हेतु गो रक्षा दल सरवानिया महाराज ने सुबह से शहर में विचरण करने वाले गो वंश को पकड़कर कहार समाज धर्म शाला व शहर के मध्य स्थित राजमहल चौक पर एकत्रित कर इंजेक्शन दिए गए। 
बहुत सारे नंदी महाराज ने पहले गो रक्षा दल को जमकर छकाया जिससे रक्षा दल सदस्यों का पसीना छुटा लेकिन आखिरकार कब्जें आयें नंदी महाराज और गायों को त्वचा रोग की रोकथाम हेतु एंटी लंपी इंजेक्शन लगाए गए। करीब डेढ़ सो मवेशियों को लंपी रोधी टिकें लगायें गये। करीब तीन घंटे में अकेले सरवानिया में 150 बेसहारा गो वंश का टीकाकरण कर मूक पशुओं को राहत प्रदान की गई। इससे अलावा आसपास के ग्राम मोरवन धामनिया जगेपुर बसेड़ी भाटी के आंकड़े भी लगभग इतने ही है। मवेशियों को लंपी रोधी टिकें लगाने के काम में  डाक्टर दिनेश आर्य, डा. पीयूष पाटीदार , डा . नंदराम बैरागी ने आगे आकर गो वंश की सेवा की। जब शहर के लोगों ने इस पीठ थपथपाने वाले कार्य को देखा तो श्री पाल बस स्टैंड होटल ने गो रक्षा दल सदस्यों को चाय तो हलवाई विष्णु राठौर ने पोहा की तो केलें की नास्ता बालाजी फ्रुट, गोविंद पाटीदार , सुरेश माली ने कराई। इस बीच पटेल आल रेस्क्यू टीम के द्वारा सभी गो रक्षकों को भोजन कराया गया। तन मन धन के साथ गोधन की सेवा क्षेत्र में एक अन्य लोगों के लिए मोरल है। 

उपरी त्वचा पर गठानें फुंसी लक्षण , गोट पास्क एंटी वेक्सिन-
सहायक पशु चिकित्सा क्षेत्र अधिकारी डा . दिनेश आर्य ने बताया कि मवेशियों में लंपी एक तरह का रोग है जो बहुत तेजी से फेल रहा है इसकी रोकथाम हेतु पहले गोट पाक्स नामक वेक्सिन लगाई जाती है जिससे मवेशियों में लंपी रोग ना आये। जिन पशुओं में लंपी रोग फैल चुका होता है उनका उपचार किया जाता है यह वेक्सिन सरकार द्वारा लगाई जा रही है। लंपी रोग में पशुओं को तेज बुखार, शरीर पर गोल गोल छोटी-छोटी गठानें, चारा नहीं खाना, भुख नहीं लगना जैसे लक्षण नज़र आते हैं। सरवानिया में गो रक्षा दल के करीब साठ युवक बे सहारा मवेशियों को लंपी रोधी वेक्सिन लगाने का काम कर रहे हैं वो मवेशियों को पकड़ते हैं और मैं तथा अन्य डाक्टर मिलकर वेक्सिनेशन करते हैं। काबिले तारीफ़ काम कर रहे हैं ये लोग।
रूपलाल पाटीदार तहसील अध्यक्ष गो रक्षा दल ने बताया कि लंपी त्वचा रोग मवेशियों में होने वाला एक संक्रामक रोग है जो पॉक्सविरिडे परिवार के एक वायरस के कारण होता है, जिसे नीथलिंग वायरस भी कहा जाता है। इस रोग के कारण पशुओं की त्वचा पर गांठें होती हैं।
गो रक्षक अजय प्रताप सिंह राणावत ने बताया कि गौ वंश के पूरे शरीर पर खासकर सिर, गर्दन थन और पैरों मे 2 से 5 सेंटीमीटर व्यास की कठोर गांठें बन जाती हैं जो बाद में घाव में बदल सकती हैं। इस लिए सभी पशु पालक अपने मवेशियों का टीकाकरण करावें।

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