रामपुरा। शासकीय महाविद्यालय में राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) का स्थापना दिवस बड़े उत्साह के साथ मनाया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ माँ सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलन से किया गया। प्राचार्य डॉ. बलराम सोनी ने स्वागत भाषण में राष्ट्रीय सेवा योजना की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए युवाओं को समाज सेवा और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम के दौरान स्वयंसेवकों ने विभिन्न सांस्कृतिक और सामाजिक गतिविधियों का आयोजन किया। विशेष आकर्षण रहा बाल विवाह जैसी कुरीति पर आधारित नाटक, जिसमें स्वयंसेवकों ने समाज में व्याप्त इस बुराई के दुष्परिणामों को मार्मिक ढंग से प्रस्तुत किया। इसके माध्यम से यह संदेश दिया गया कि बाल विवाह न केवल समाज की प्रगति में बाधक है, बल्कि बच्चों के भविष्य को भी अंधकारमय कर देता है। अन्य सांस्कृतिक प्रस्तुतियों में स्वयंसेवकों ने शिव तांडव और देशभक्ति गीतों की प्रस्तुति दी।
कार्यक्रम अधिकारी डॉ. भरत कुमार धनगर ने राष्ट्रीय सेवा योजना के मूल मंत्र "Not Me But You" की व्याख्या करते हुए विद्यार्थियों से समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने हेतु सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया। वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ. हेमकांत तुगनावत ने विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि NSS युवाओं को सेवा, अनुशासन और राष्ट्रनिर्माण की भावना से जोड़ता है। प्रो. जेड. एच. बोहरा ने भी कहा कि यह योजना विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास और समाजसेवा का सशक्त माध्यम है।
कार्यक्रम का संचालन स्वयंसेवकों ने किया। डॉ. मुक्ता दुबे ने नए स्वयंसेवकों को विभिन्न गतिविधियों के बारे में जानकारी दी और कार्यक्रम का आभार डॉ. महेश चांदना ने व्यक्त किया। अंत में महाविद्यालय परिवार ने सामूहिक शपथ लेकर सेवा भावना को अपने जीवन में उतारने का संकल्प लिया।