नीमच। केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी प्रधानमंत्री आवास योजना के क्रियान्वयन में स्थानीय स्तर पर लापरवाही का मामला नीमच से सामने आया है। आवास और पट्टे के लिए पिछले 12 वर्षों से सरकारी दफ्तरों के चक्कर काट रही एक गरीब महिला ने मंगलवार को कलेक्टर कार्यालय में अनोखे ढंग से विरोध प्रदर्शन किया, जिससे कार्यालय परिसर में अफरा-तफरी मच गई।
पीड़ित महिला सुमित्रा खिंची आज जनसुनवाई में आवेदन देने के बाद कलेक्टर कार्यालय परिसर में ही धरने पर बैठ गईं। विरोध के दौरान वह अपने साथ रसोई का पूरा सामान बेलन, चकला, कढ़ाही, तपेली और भगवान की मूर्तियां तक लेकर आई थीं। उन्होंने साफ कहा कि जब तक मुझे प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ नहीं मिलेगा, मैं यहीं रहूंगी, यहीं खाना बनाऊंगी और यही मेरा घर होगा।
सुमित्रा खिंची का कहना है कि वह साल 2013 से लगातार प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए आवेदन कर रही हैं, लेकिन अब तक न तो उन्हें मकान मिला है और न ही सरकारी जमीन का पट्टा। वह आज भी नीमच में किराए के मकान में रहने को मजबूर हैं। उन्होंने यह भी बताया कि अब तक उन्हें किसी अन्य सरकारी योजना का लाभ भी नहीं मिला है।
महिला के इस अप्रत्याशित विरोध प्रदर्शन के बाद प्रशासन हरकत में आया। अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर सुमित्रा खिंची को समझाया और शीघ्र ही प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाने का आश्वासन दिया। आश्वासन मिलने के बाद महिला ने अपना धरना समाप्त कर दिया। यह घटना इस बात का प्रतीक है कि पात्र हितग्राहियों को भी बुनियादी सरकारी योजनाओं के लाभ के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है।