नीमच। ग्राम बामनबर्डी स्थित ओसवाल प्लांट के मालिक अनिल नाहटा पर ग्राम पंचायत बामनबर्डी के सरपंच विक्रमसिंह को झूठे रंगदारी और मारपीट के मामले में फंसाने के गंभीर आरोप लगे हैं। शनिवार को बड़ी संख्या में ग्रामीण, जिनमें महिलाएं भी शामिल थीं, नीमच पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे और अनिल नाहटा के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। ग्रामीणों ने पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपते हुए मांग की कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए।
ग्रामीणों ने ज्ञापन में बताया कि सरपंच विक्रम सिंह का ओसवाल प्लांट में हुई मारपीट की घटना से कोई संबंध नहीं है। विवाद की मुख्य वजह सरपंच की जेसीबी मशीन का 11 माह से बकाया भुगतान 11 लाख 75 हजार है। आरोप है कि अनिल नाहटा यह राशि देने से बचने के लिए सरपंच का नाम झूठे मारपीट और रंगदारी के केस में जोड़ रहे हैं।
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि घटना के समय सरपंच विक्रमसिंह ग्राम खेरमालिया में तहसीलदार और पटवारी के साथ नाले के निरीक्षण में व्यस्त थे, और घटनास्थल पर मौजूद नहीं थे। ग्रामीणों ने सीसीटीवी फुटेज की जांच की भी मांग की है ताकि सत्य सामने आ सके।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि ओसवाल प्लांट में कैंटीन से जुड़ा विवाद और स्थानीय लोगों को रोजगार न मिलने की वजह से असंतोष था, जिसका सरपंच से कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि अनिल नाहटा के खिलाफ सरपंच की छवि धूमिल करने, बकाया राशि नहीं चुकाने और पुलिस को भ्रमित करने के आरोपों में मुकदमा दर्ज किया जाए।